माई सिटी रिपोर्टर पंचकूला। माता मनसा देवी सेवक दल धर्मार्थ एवं भंडारा कमेटी की तरफ से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान कथा में अंतिम दिन रविवार को कथा व्यास श्रीभगवान जी (बाल व्यास भैया जी) वृंदावन धाम वाले ने सुदामा चरित्र, व्यास पूजन, संपूर्ण भागवत सार और कन्या दान का महत्व बताया। अंतिम दिन पंचकूला के महापौर कुलभूषण गोयल, उनकी धर्मपत्नी अंजू गोयल, चंडीगढ़ के मेयर अनूप गुप्ता भी पहुंचे। कथा व्यास और कमेटी के संरक्षक सतपाल गर्ग, प्रधान किशोरी लाल, महासचिव सिद्धार्थ गुप्ता, संयुक्त सचिव संजय गुप्ता, वरिष्ठ सदस्य संदीप गुप्ता ने दोनों मेयरों को सम्मानित किया। दोनों मेयर ने आयोजन समिति को भव्य आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी।
कथा व्यास श्री भगवान भैया जी (बाल व्यास) ने बताया कि जब भगवान श्रीकृष्ण चले गए, तभी से कलियुग की शुरुआत हो गई। उसी दिन से कलियुग आ गया और पृथ्वी कलियुगी राजाओं को कोसती है कि तुम्हारे जैसे कितने आए और कितने गए। कलियुग के स्वरूप का स्पष्ट वर्णन है कि कलियुग में जितनी धन हम खर्च करेंगे, उतना वापस नहीं मिलेगा। आज आखिरी दिन सुदामा चरित्र का वर्णन कर कथा व्यास श्रीभगवान भैया जी (बाल व्यास) ने बताया कि मित्रता कैसे निभाई जाती है। यह भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा जी से समझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सुदामा गरीबी का दंश इतना झेलते हैं कि कई दिन उनका परिवार भूखा ही सो जाता है। पत्नी के कहने पर सुदामा श्री कृष्ण से मिलने पहुंचे। सुदामा और श्रीकृष्ण मिलन का दृश्य देखकर श्रोता भाव विभोर हो गये। उन्होंने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा पुराण में सभी ग्रन्थों का सार है। इस अवसर पर किशोरी लाल बंसल, राम निवास बंसल, सिद्धार्थ गुप्ता, संजय गुप्ता, शिव कुमार गोयल, सुभाष छोकरा, सतपाल गर्ग, पंडित ओम प्रकाश, जगदीश गर्ग, संदीप गुप्ता, अमित जिंदल, मोती लाल जिंदल भी उपस्थित रहे।