Punjab News : जस्टिस आलोक जैन इस केस में केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर चुके हैं इसलिए उन्होंने जज के तौर पर इस केस से अलग होने का फैसला लिया। पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है।
पंजाब में हजारों करोड़ के ड्रग कारोबार मामले में नवनियुक्त जज जस्टिस आलोक जैन ने खुद को केस से अलग करते हुए नई बेंच निर्धारित करने के लिए याचिका को मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया। जस्टिस आलोक जैन इस केस में केंद्र सरकार की ओर से पैरवी कर चुके हैं इसलिए उन्होंने जज के तौर पर इस केस से अलग होने का फैसला लिया।
विज्ञापन
मामले में पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि न केवल हरियाणा व पंजाब में नशे की बड़ी खेप पकड़ी जाती है बल्कि अंतरराष्ट्रीय सीमा से भी बड़े पैमाने पर तस्करी होती है। इस तस्करी और इसके बाद इसके वितरण को रोकना बेहद जरूरी है। हाईकोर्ट ने अब सरकार को आदेश दिया था कि वह बताए कि इस तस्करी और वितरण को रोकने के लिए सरकार के पास क्या योजना है।
कोर्ट ने कहा था कि विदेश में बैठे नशे के सौदागरों को भारत लाने के लिए तीन साल पहले आदेश दिया गया था अभी तक इस दिशा में अभी तक क्या कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट ने कहा था कि पंजाब में नशे की स्थिति को देखते हुए ऐसा लगता है कि नशे पर लगाम लगाने के लिए जमीनी स्तर पर सही प्रकार से कोई कदम उठाया गया।
विज्ञापन
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा था कि नशे पर लगाम लगाने के साथ ही नशे के आदी लोगों का इलाज व उनका पुनर्वास भी बहुत जरूरी है। ऐसे में हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ से उनके नशा मुक्ति केंद्रों की संख्या, वहां मौजूद कर्मचारियों का ब्योरा, सुविधाओं की जानकारी व मरीजों का ब्योरा तलब किया था।