पिंजौर। पिंजौर में जाम की समस्या से निजात पाने के लिए 7.70 किमी लंबा सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास का निर्माण कार्य कंपनी की ओर से लगभग 90 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। परंतु इस बाईपास पर दो रेलवे अंडरपास न बनने के कारण बाईपास शुरू नहीं हो सका है।
इसी को लेकर एडवोकेट विजय बंसल अध्यक्ष शिवालिक विकास मंच एवं पूर्व चेयरमैन ने बताया कि उन्होंने तकनीकी राय लेने के बाद उत्तर रेलवे विभाग के डिविजनल रेलवे मैनेजर(डीआरएम) को पत्र भेजकर एक हफ्ते के लिए कालका रेलवे स्टेशन की तरफ आने वाली ट्रेनों को रोकने की मांग करते हुए उन ट्रेनों के रूट्स को चंडीमंदिर स्टेशन के लिए स्थानांतरित करने की मांग की है। ट्रेनों के आवागमन से बाईपास पर दोनों रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है इससे लोग लगभग 90 करोड़ से बने इस बाईपास का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।
बाईपास शुरू होने से हल होगी समस्या
विजय बंसल ने बताया कि पिंजौर में जाम की स्थिति हमेशा बनी रहती है। इसके लिए उनके द्वारा 2014 में पिंजौर में ट्रैफिक रोककर तीन समय प्रणालियों में भारी वाहनों की नो एंट्री शुरू करवाई थी परंतु इसके स्थायी समाधान के लिए बाईपास का शुरू होना ही एक हल है। 2007 में हुडा विभाग ने बाईपास हेतु 232 एकड़ भूमि अधिग्रहित की थी। मांग की थी कि सूरजपुर सुखोमाजरी बाईपास का निर्माण एनएचआई खर्च से किया जाए व इस बाईपास पर टोल प्लाजा न लगे। मांग को स्वीकार करते हुए एनएचआई द्वारा निर्माण किया गया व टोल प्लाजा नहीं लगाने की योजना बनी। बाईपास के निर्माण को शीघ्र करने के लिए उन्होंने पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट में अप्रैल 2014 को जनहित याचिका डाली थी। इसके बाद कोर्ट ने सरकार को तुरंत कार्रवाई कर निर्माण शुरू करने के आदेश दिए। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 2015 में एक कानूनी नोटिस पर केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए मंत्रालय के प्रमुख अभियंता को तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए थे।