संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों के सभी संगठनों ने मिलकर शुक्रवार को मुख्य चीफ इंजीनियर कार्यालय के बाहर एक प्रभावी विरोध प्रदर्शन किया।
इस बारे में वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पंजाब सरकार ने बिजली निगम की 10 संपत्तियों को बेचने की योजना बनाई है, जिसके विरोध में और इस फैसले को वापस लेने के लिए शुक्रवार को सर्कल स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया गया है। इसमें बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों और बिजली निगम कॉलोनी के लोगों ने भाग लिया।
इस तरह का दूसरा सर्कल स्तरीय विरोध 29 अक्तूबर को मुख्य कार्यालय के बाहर किया जाएगा और अगर पंजाब सरकार और बिजली मंत्री हमारी मांग नहीं मानते, तो 2 नवंबर को लुधियाना में बिजली मंत्री के आवास का राज्य स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि जब तक यह फैसला वापस नहीं लिया जाता, तब तक संघर्ष न केवल जारी रहेगा बल्कि निश्चित रूप से तदनुसार तेज किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि वर्ष 2016 में अकाली-भाजपा सरकार ने बिजली बोर्ड की दो संपत्तियों को बेचने का फैसला किया था, जिसे वापस लेने के लिए कर्मचारियों ने कड़ा संघर्ष किया था।
इस अवसर पर संयुक्त फोरम, बिजली एकता मंच, एओजेई, ग्रिड यूनियन और पेंशनर्स यूनियनों टीएसयू, पीएसईबी इंप्लाइज फेडरेशन एटक, जूनियर इंजीनियर्स एसोसिएशन, ग्रिड सबस्टेशन यूनियन, पावरकॉम और ट्रांसको पेंशनर्स यूनियन एटक, इंप्लाइज फेडरेशन पहलवान, इंप्लाइज फेडरेशन इंटक, इंजीनियर्स एसोसिएशन, तकनीकी सेवाएं यूनियन भंगाल, इंप्लाइज दल, एमएसयू, संगठनों के नेता रशपाल सिंह पाली, रघवीर सिंह रामगढ़, जगतार सिंह, केवल सिंह बनवैत, स्वर्ण सिंह, चमकौर सिंह, बलविंदर सिंह बाजवा, जसवीर सिंह अंदलू, पारस गुप्ता, पूर्व ऊर्जा परमिंदर सिंह और संदीप सिंह चहल, सतीश भारद्वाज, गुरप्रीत सिंह महदूद के अलावा अन्य सर्कल स्तर के नेता उपस्थित थे।