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जैन, जिले राम के घर से मिले मुख्यमंत्री के नाम सिफारिशी पत्र

Tue, 24 Sep 2013 02:09 AM IST
सुशील गंभीर, पंचकूला
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कंबोपुरा के पूर्व सरपंच को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी पूर्व मंत्री ओपी जैन और पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा के घर में सीबीआई की सर्च के दौरान कई ऐसे पत्र मिले हैं, जिसमें मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से सिफारिश की गई थी। पत्रों में विभिन्न नौकरियों के लिए आवदेकों के नाम की सिफारिश की गई थी। यह तथ्य सीबीआई ने कोर्ट में दाखिल अपनी चार्जशीट में कही है।
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खास बात यह है कि जो आवेदकों की लिस्ट बरामद हुई है, उसमें से ज्यादातर को नौकरियां भी मिली। वहीं, दोनों आरोपियों के घर से कई सूचियां, फाइनल लिस्ट सीबीआई ने ठोस सबूत के तौर पर जुटाई है।

 सीबीआई की चार्जशीट इशारा करती है कि नौकरियों के लिए पैसे लेना पूर्व मंत्री ओपी जैन और पूर्व सीपीएस जिले राम शर्मा का बिजनेस था। पूर्व मंत्री ओपी जैन के पीए ने भी बयान दर्ज कराए थे कि जैन और उनका बेटा अतुल नौकरी लगवाने के बदले पैसे लेते थे।
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सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि यह सूचियां जींद निवासी बनारसी दास शर्मा ने बनाई। सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान में बनारसी दाम शर्मा ने कहा कि जिले राम ने उसे यह सूचियां बनाने के लिए कहा था।

जिले राम शर्मा ने उससे कहा कि उनके हलके के आवदकों की सूची बनाई जाए, जिसमें नाम, पता व रोल नंबर सहित अन्य सभी जानकारियां दर्ज की जाएं।

चार्जशीट में कहा गया है कि जिले राम शर्मा के अलावा ओपी जैन के घर पर हुई सर्च में विभिन्न नौकरियों के लिए कई रोल नंबर, आवेदन फार्म और नौकरी लगवाने वालों की सूची मिली।

इसके बाद जब हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन, स्कूल टीचर सलेक्शन बोर्ड, यमुनानगर सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक, करनाल सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक से नौकरी लगने वालों की फाइनल लिस्ट ली गई। इसके बाद जैन के घर से मिली सूचियों के साथ मिलान किया गया, ज्यादातर की नौकरियां लगी थी।

चार्जशीट में कहा गया है कि नौकरी लगने वालों से भी पूछताछ की गई हैै। उन्होंने खुलासा किया कि ओम प्रकाश जैन को उनके करीबियों के माध्यम से सिफारिश की थी।
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