चंडीगढ़। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से बुजुर्गों, विधवाओं, आश्रित बच्चों और दिव्यांगों को 1500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाती है। इन योजना में गड़बड़झाला सामने आया है, क्योंकि फर्जी लाभार्थियों भी योजना के तहत पेंशन पा रहे थे। असल पेंशनर के मृत्यु के बाद भी उनके करीबी पेंशन का लाभ प्राप्त कर रहे थे। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग ने ऐसे 2,44,639 फर्जी लाभार्थियों की पहचान की है, जिनसे 145.73 करोड़ की वसूली की गई है। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि विभाग द्वारा कराए गए सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2022-23 के दौरान राज्य पेंशन योजना के तहत पेंशन ले रहे 1,22,908 लाभार्थी मृत और अयोग्य पाए गए, जिनसे 77.91 करोड़ रुपये की वसूली की गई। वर्ष 2023-24 के दौरान राज्य पेंशन योजना के तहत पेंशन ले रहे 1,07,571 लाभार्थी मृत और अयोग्य पाए गए, जिनसे 41.22 करोड़ रुपये की वसूली की गई। वर्ष 2024-25 में जुलाई माह तक 14,160 लाभार्थियों को पेंशन योजना के तहत अयोग्य पाया गया है, जिनसे 26.59 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि कुल 145.73 करोड़ रुपये की वसूली की गई है। इनमें से अमृतसर जिले में 17,851 लाभार्थियों से 10.54 करोड़, बरनाला में 6,770 लाभार्थियों से 4.27 करोड़, बठिंडा में 19,590 लाभार्थियों से 3.44 करोड़, फतेहगढ़ साहिब में 5,984 लाभार्थियों से 2.10 करोड़, फरीदकोट में 6,081 लाभार्थियों से 3.39 करोड़, फिरोजपुर में 7,024 लाभार्थियों से 7.00 करोड़, फाजिल्का में 10,596 लाभार्थियों से 5.59 करोड़ रुपये की वसूली गई।
इसी तरह अन्य जिलों में भी विभाग ने यह कार्रवाई की। विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि पेंशन का लाभ हर जरूरतमंद लाभार्थी तक पहुंचे। राज्य पेंशन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य सरकार द्वारा 5,924.50 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।