बाजार से महंगी बिक रहीं दवाइयां, स्टॉक रजिस्टर भी मिला अधूरा
सेक्टर-3 उप निदेशक कार्यालय और देवीनगर पशु चिकित्सालय में निरीक्षण, 2.33 लाख रुपये की आयुर्वेदिक दवाएं बंद पेटियों में मिलीं
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। मुख्यमंत्री उड़नदस्ता (सीएम फ्लाइंग) की टीम के औचक निरीक्षण में पशुपालन एवं डेयरी विभाग की कार्यप्रणाली में कई खामियां सामने आई हैं। जांच के दौरान पैट एनिमल हेल्थ सोसायटी के दवा केंद्र पर कई दवाइयां बाजार मूल्य से अधिक दरों पर बिकती मिलीं, जबकि देवीनगर राजकीय पशु चिकित्सालय में स्टॉक रजिस्टर अधूरा पाया गया और उपलब्ध दवाइयों का रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका। टीम ने पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने की बात कही है।
वीरवार को सीएम फ्लाइंग की टीम ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सेक्टर-3 स्थित उप निदेशक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग कार्यालय तथा देवीनगर राजकीय पशु चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले टीम उप निदेशक कार्यालय पहुंची, जहां उप निदेशक डॉ. रणजीत सिंह जादौन की मौजूदगी में कर्मचारियों की उपस्थिति, विभागीय रिकॉर्ड और विभिन्न रजिस्टरों की जांच की गई। जांच में पता चला कि मुख्य कार्यालय में 41 कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि जिले में 45 पशु चिकित्सा संस्थान संचालित हैं, जहां 64 पशु चिकित्सक और वेटनरी लाइव स्टॉक डेवलपमेंट असिस्टेंट सेवाएं दे रहे हैं।
दवा केंद्र में बाजार से अधिक कीमत पर बिकती मिलीं दवाइयां
निरीक्षण के दौरान कार्यालय परिसर में संचालित पैट एनिमल हेल्थ सोसायटी के दवा केंद्र की भी जांच की गई। यहां निजी फर्म के माध्यम से दवाइयां और वैक्सीन उपलब्ध कराई जा रही थीं। जांच में पाया गया कि निर्धारित छूट दिए जाने के बावजूद कई दवाइयां बाजार मूल्य से अधिक कीमत पर बेची जा रही थीं। इस पर सीएम फ्लाइंग टीम ने यहां सरकारी पशु औषधि विक्रय केंद्र स्थापित करने की सिफारिश की है।
स्टॉक रजिस्टर अधूरा, दवाओं का रिकॉर्ड नहीं मिला
इसके बाद टीम देवीनगर स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय पहुंची, जहां दवाइयों के स्टॉक का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान स्टॉक रजिस्टर अधूरा पाया गया और उपलब्ध दवाइयों का रिकॉर्ड से मिलान नहीं हो सका। टीम ने इस पर गंभीर आपत्ति जताई और संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया। अधिकारियों ने मामले में नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया।
2.33 लाख रुपये की आयुर्वेदिक दवाएं बंद पेटियों में मिलीं
निरीक्षण के दौरान अस्पताल परिसर में 2.33 लाख रुपये मूल्य की 17,073 आयुर्वेदिक दवाइयां बंद पेटियों में रखी मिलीं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार ये दवाइयां गौशालाओं के लिए खरीदी गई थीं, लेकिन आपूर्ति करने वाली कंपनी निर्धारित शर्तें पूरी नहीं कर सकी। इसी कारण इन्हें वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
सीएम फ्लाइंग टीम ने डेयरी, पशुपालन, अनुसूचित जाति लाभार्थियों और गौशालाओं को दी गई अनुदान राशि से संबंधित रिकॉर्ड की भी समीक्षा की। इसके अलावा पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन भी किया गया। निरीक्षण के बाद टीम ने स्पष्ट किया कि जांच में सामने आई सभी अनियमितताओं का विस्तृत प्रतिवेदन तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजा जाएगा, ताकि जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके।