पंचकूला। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हरियाणा राज्य सहकारी अपैक्स बैंक लिमिटेड की जूनियर अकाउंटेंट/कैशियर किरण चौहान को अंतरिम जमानत दे दी है। उन पर बैंक के 11 लाख 99 हजार 500 रुपये कम होने के मामले में लापरवाही का आरोप है। एडवोकेट डॉ. दीपक जिंदल द्वारा किरण चौहान की तरफ से दायर याचिका के मुताबिक हरियाणा राज्य सहकारी अपैक्स बैंक लिमिटेड की महाप्रबंधक अमरजीत कौर ने उन पर आरोप लगाया था कि 20 नवंबर 2020 को हरको बैंक के खातों से लगभग 11 लाख 99 हजार 500 रुपये कम हो गए। उसी दिन बैंक की ओर से एक डीडीआर दर्ज करवा दी गई थी। बैंक स्तर पर भी पूछताछ की गई। जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रबंधन ने निर्णय लिया कि नकदी की कमी के लिए कैशियर और शाखा प्रबंधक की संयुक्त जिम्मेदारी थी। इसलिए नगद प्रबंधन में दोनों ने घोर लापरवाही की है, जिसके तहत दोनों पर एफआईआर करवाई जाए, जिसके बाद पुलिस ने धारा 409 और 120 बी के तहत केस दर्ज कर लिया था। अदालत में याचिकाकर्ता किरण चौहान ने कहा कि उन पर लगाए आरोप गलत और निराधार हैं। उन्होंने पूरी ईमानदारी के साथ काम किया और वह वर्ष 1996 से बैंक में कार्यरत हैं। तब से उसे नियमित पदोन्नति भी मिल रही है। किसी भी तरह की कोई प्रतिकूल टिप्पणी उस पर नहीं की गई। कभी भी उसकी सेवा में कोई कोताही सामने नहीं आई। उनके कामों को देखकर कभी उनका तबादला भी नहीं किया गया। याचिकाकर्ता ने एफआईआर में झूठे आरोप होने की बात कही और कहा कि वास्तव में बैंक को किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं हुआ है। याचिकाकर्ता ने कहा कि बैंक में जिन रुपयों के कम होने की बात की जा रही है, उसमें सही ढंग से जांच नहीं की गई है। सामान्य बैंकिंग समय समाप्त होने के बाद बैंक अधिकारी ने याचिकाकर्ता को धमकी दी और खाली कागजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कहा। उसने कुछ कोरे कागजों पर हस्ताक्षर करवा लिए थे।