संवाद न्यूज एजेंसीपंचकूला। महिला थाने की एसएचओ इंस्पेक्टर नेहा चौहान का मोहाली के बलौंगी श्मशान घाट में राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को अंतिम संस्कार किया गया। 29 अप्रैल को महाराष्ट्र के वर्धा में एक सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। सोमवार को एम्बुलेंस से उनका शव उनके ससुराल मोहाली पहुंचा। श्मशान घाट में गमगीन माहौल में उनके पति और तीन साल के बेटे ने शव को मुखाग्नि दी।
श्मशान घाट में नेहा चौहान के तीनों बच्चे अपनी मां को पुकार रहे थे। परिजन बच्चों को बार-बार संभालने की कोशिश कर रहे थे। अंतिम संस्कार में पंचकूला के सीपी संजय कुमार, डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह सहित डीएसपी, एसएचओ के अलावा करीब 150 पुलिसकर्मी मौजूद रहे। सीपी और डीसीपी ने नेहा चौहान के परिजनों से मिलकर उनको सांत्वना दी। इंस्पेक्टर नेहा का पार्थिव शरीर महाराष्ट्र के वर्धा से सोमवार की दोपहर मोहाली स्थित उनके ससुराल पहुंचा। वहां से अंतिम संस्कार के लिए मोहाली के बलौंगी श्मशान घाट ले जाया गया। वहां पुलिस टीम ने उनको सलामी दी।
कोरोना में बेहतरीन काम के हुईं थीं सम्मानित
2020 में कोरोना काल के दौरान बेहतरीन काम करने के लिए इंस्पेक्टर नेहा को सम्मानित किया गया था। 2020-21 के दौरान वह दो बार महिला थाने की एसएचओ रहीं। उस दौरान सेक्टर 5 सहित आसपास के क्षेत्र में लोगों की मदद के लिए उन्होंने सराहनीय काम किया था। वह महिला थाने की तीन बार एसएचओ रहीं। वे वेल्फेयर इंस्पेक्टर और एमडीसी थाने की एसएचओ भी रहीं।
एचडीएफसी बैंक देगा मुआवजा
डीसीपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि राजकीय सम्मान के साथ इंस्पेक्टर नेहा चौहान का अंतिम संस्कार मोहाली में हुआ। एचडीएफसी बैंक के साथ पुलिस विभाग का समझौता है। बैंक की तरफ से 90 लाख रुपये उनके परिवार के लोगों को दिया जाएगा। इसके अलावा 10 दिन के भीतर कानून प्रक्रिया पूरी की जाएगी और जो मुआवजा होगा वह उनके परिजनों को दिया जाएगा।