ब्लॉक-डी में बनेंगे अलग-अलग पुरुष और महिला वार्ड, 10 बेड से होगी शुरुआत चंडीगढ़ रेफर होने वाले मरीजों को मिलेगी राहत
ब्लॉक-डी में पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग वार्ड बनेंगे, भर्ती, काउंसलिंग और पुनर्वास की सुविधाएं भी मिलेंगी
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिला के सिविल अस्पताल में जल्द ही मानसिक और कैंसर रोगियों को भर्ती होकर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। स्वास्थ्य विभाग ने चंडीगढ़ की तर्ज पर विशेष मनोचिकित्सा विभाग स्थापित करने और ऑन्कोलॉजी (कैंसर) ओपीडी के साथ बेड सुविधा शुरू करने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। ब्लॉक-डी में 10 बेड के साथ शुरुआत की जाएगी। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि निर्माण कार्य और स्टाफ भर्ती पूरी होने के बाद इस वर्ष के अंत तक नई सुविधा शुरू करने का लक्ष्य है।
ब्लॉक-डी से गायनी और पीडियाट्रिक वार्ड शिफ्ट होने के बाद खाली हुई जगह पर नया विभाग विकसित किया जाएगा। अभी अस्पताल में केवल मनोचिकित्सा ओपीडी संचालित होती है, जहां मरीजों की जांच और दवाइयां दी जाती हैं। भर्ती, काउंसलिंग और लंबे समय तक निगरानी की सुविधा नहीं होने के कारण गंभीर अवसाद, सिजोफ्रेनिया, बाइपोलर डिसऑर्डर और नशे की लत से जुड़े मरीजों को चंडीगढ़, करनाल या रोहतक रेफर करना पड़ता है।
योजना के अनुसार ब्लॉक-डी की एक मंजिल पर महिला और दूसरी मंजिल पर पुरुष मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड बनाए जाएंगे। शुरुआत में 10 बेड उपलब्ध होंगे, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा। इसी ब्लॉक में कैंसर मरीजों के लिए भी बेड सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि दोनों तरह के मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर उपचार मिल सके।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा विभाग
स्वास्थ्य विभाग इस नए विभाग को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की तैयारी में है। इसके लिए मनोचिकित्सक, क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट, साइकेट्रिक नर्स और काउंसलर की नियुक्ति की जाएगी। मरीजों को दवाइयों के साथ थेरेपी, ग्रुप काउंसलिंग और पुनर्वास जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
विशेष उपकरणों की होगी खरीद
ब्लॉक-डी के नवीनीकरण, सुरक्षा मानकों के अनुरूप व्यवस्था और विशेष उपकरणों की खरीद के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि इस सुविधा के शुरू होने से पंचकूला के अलावा अंबाला, यमुनानगर और हिमाचल प्रदेश से सटे क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा।
कोट
अस्पताल में मनोचिकित्सा रोगियों के लिए अलग वार्ड बनाया जाएगा। ब्लॉक-डी में पुरुष और महिला मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड होंगे। इसके साथ ही ऑन्कोलॉजी मरीजों के उपचार की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की जाएगी।
- डॉ. मुक्ता कुमार, सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग