हरियाणा के थानों में दर्ज एफआईआर की जानकारी शिकायतकर्ताओं को जल्दी एसएमएस पर मिलने लगेगी। वे जांच की स्थिति भी घर बैठे संदेश के जरिये ही जान सकेंगे। मामले का जांच अधिकारी बदलने पर शिकायतकर्ता को उसका नाम व मोबाइल नंबर भी एसएमएस से भेजा जाएगा। पुलिस की राज्य अधिकार प्राप्त समिति की शुक्रवार को हुई 47वीं बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक में अनेक फैसले लिए गए, जिनकी जानकारी राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के निदेशक ओपी सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि हरियाणा पुलिस ने एफआईआर दर्ज होने पर नागरिकों के मोबाइल पर एसएमएस भेजने के लिए नई प्रणाली विकसित की है। इससे शिकायतकर्ताओं के लिए काफी आसानी हो जाएगी। राज्य में अपराध और आपराधिक नेटवर्क प्रणालियों (सीसीटीएएस) को एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस (आईआरएडी) के साथ जोड़ा जाएगा। इससे सड़कों पर ज्यादा दुर्घटना वाले स्पॉट्स को पहचानने में मदद मिलेगी। सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए एहतियाती उपाय किए जाएंगे।
आपराधिक मामलों की जांच की निगरानी और अपराधों को कम करने के लिए सीसीटीएनएस में उपलब्ध डाटा का उपयोग किया जा रहा है। पुलिस आयुक्त फरीदाबाद विकास अरोड़ा की अध्यक्षता में ग्यारह वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों की समिति ने इसके लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार की है। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो को दो महीने पहले ही सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के क्रियान्वयन के लिए नोडल यूनिट की जिम्मेदारी मिली है। ओपी सिंह ने बताया कि पुलिस महानिदेशक पीके अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो, गृह विभाग, वित्त विभाग, एनआईसी और हारट्रोन के प्रतिनिधियों के साथ पुलिस मुख्यालय और जिलों से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।