चंडीगढ़। उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा पर फिर इंडस्ट्री की जमीन घोटाले के आरोप लगे हैं। पूर्व कैबिनेट मंत्री और भाजपा नेता तीक्ष्ण सूद ने आरोप लगाए हैं कि उद्योग मंत्री ने मोहाली में जेसीटी इलेक्ट्रॉनिक्स की जमीन को निजी डेवलपर के हाथों नियमों के विपरीत बेच दिया। भाजपा नेता ने आरोप लगाए कि उद्योग मंत्री ने एक निजी बिल्डर के साथ मिलकर मोहाली में 27 एकड़ उद्योग की जमीन को टुकड़ों में बेचने को मंजूरी दी। इससे उसे 500 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ है।
भाजपा मुख्यालय में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में सूद ने बताया कि मोहाली में औद्योगिक क्षेत्र फेज 9 में एक कंपनी को 27 एकड़ जमीन 1987 में आवंटित की गई थी। कुछ समय बाद औद्योगिक इकाई दीवालिया हो गई, जिसके बाद औद्योगिक इकाई की ओर से पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसआईईसी) से प्लॉट बेचने के लिए एनओसी मांगी गई। पीएसआईईसी ने 15 मार्च को कंपनी को एनओसी जारी कर दी। भाजपा नेता ने बताया कि यह जमीन कंपनी ने एक निजी डेवलपर को 120 करोड़ रुपये में बेच दी, 16 मार्च को डेवलपर ने पीएसआईईसी को जमीन को विभाजित करने के लिए एक आवेदन किया। इस आवेदन में कहीं भी यह नहीं कहा गया कि जमीन कितने हिस्सों में बांटी जाएगी। डेवलपर ने नियमों के विपरीत 27 एकड़ जमीन को 125 हिस्सों में बांट दिया। डेवलपर ने 1000 गज के 49 और 500 गज के 76 प्लाट काट कर बेच दिए। सूद ने इस खेल में उद्योग मंत्री को जिम्मेदार ठहराया।
सूद ने मुख्यमंत्री से उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा को तुरंत बर्खास्त कर इस मामले में सीबीआई या ईडी से जांच करवाने की मांग की है। इससे पहले मोहाली में ही 31 एकड़ जमीन को नीलामी में बेचने को लेकर उद्योग मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा पहले ही विवादों में घिरे हुए हैं।