इंद्रधनुष ऑडिटोरियम में अब कई दाग लग चुके हैं। नार्थ इंडिया के एकमात्र और शानदार ऑडिटोरियम का बूरा हाल है। टाइल्स उखड़ चुकी हैं, एयर कंडीशन ढंग से काम नहीं करता औैर शौचालय भी गंदा है। यही कारण है कि पंचकूला की शान कहा जाने वाला ऑडिटोरियम बामुश्किल ही बुक होता है। चार्ज के मुताबिक लोगों को यहां सुविधाएं नहीं मिलती। इस ऑडिटोरियम में चार घटे की बुकिंग पर 60 हजार रुपये और 12 घटे की बुकिंग के लिए सवा लाख रुपये चार्ज किए जाते हैं। ऑडिटोरियम बाहर से तो चमकता है लेकिन अंदर की असुविधाएं इस पर बट्टा लगा रही हैं। जब इस संबंध में हुडा के अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने कहा कि बजट के कमी की वजह से इस ऑडिटोरियम का निर्माण के बाद रेनोवेशन नहीं हुआ है।
सुविधाएं बेहतर हो तो ऑडिटोरियम टैगोर को पछाड़ सकता है
बड़े कार्यक्रमों के लिए ऑडिटोरियम की माग बढ़ती जा रही है, लेकिन किराए के मुताबिक यहां पर लोगों को सुविधाएं नहीं मिल पाती। इसे निजी हाथों से वापस लेने के बाद विभाग की आमदनी बढ़ गई थी, लेकिन असुविधाओं की वजह से अब आमदनी घट गई है। 2013 में जहां ऑडिटोरियम में प्रतिमाह आठ से नौ कार्यक्रम होते थे वहीं अब कार्यक्रमों की संख्या चार से पांच रह गई है। ऐसे में हुडा को नुकसान भी हो रहा है।
एक साथ 1250 लोग बैठ सकते हैं
सेक्टर पांच में बने इद्रधनुष ऑडिटोरियम में एक साथ 1250 से अधिक लोग बैठकर कार्यक्रमों का लुत्फ उठा सकते है। लेकिन अब कुर्सियां भी टूटने लगी हैं।
कभी था पहली पसंद
इस ऑडिटोरियम में प्रदेश की राजनीति के दिग्गजों के अलावा केंद्रीय राजनीति से जुड़े बड़े नाम भी आ चुके हैं। राजनीतिक, धार्मिक, ब्यूटी प्रतियोगिताएं, स्कूलों के वार्षिक समारोह, फिल्म फेयर अवार्ड, विभिन्न सीरियलों के ऑडिशन के लिए आयोजकों की पसंद भी इंद्रधनुष ऑडिटोरियम रहा है, लेकिन असुविधाओं की वजह से अब यह लोगों को नहीं लुभा रहा।
कोट्स
इंद्रधनुष ऑडिटोरियम के निर्माण के बाद एक बार भी इसका रेनोवेशन नहीं हुआ है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। दिल्ली की एक कंपनी ऑडिटोरियम देखकर गई है। जल्द रेनोवेशन कार्य किया जाएगा।
कैलाश, एसडीओ हुडा।