नशा मुक्ति केंद्र की दोस्ती हत्या में बदली, पंचकूला पुलिस ने सुलझाई ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी
माई सिटी रिपोर्टर
रायपुररानी/पंचकूला। रायपुररानी के खेतपराली पुल के नीचे मिले अज्ञात शव की गुत्थी को पंचकूला पुलिस ने महज 120 घंटों के भीतर सुलझा लिया है। नशे की लत और आपसी कहासुनी ने एक दोस्त को ही मौत की नींद सुला दिया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने नशे के ओवरडोज के बाद अपने ही साथी को 120 फीट ऊंचे पुल से नीचे फेंक दिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संगम कुमार (23) और विजय कुमार उर्फ दीनानाथ (35) निवासी मोहाली के रूप में हुई है, जबकि मृतक पंजाब निवासी हरिंदर था।
पुलिस जांच में सनसनीखेज खुलासा हुआ कि मृतक हरिंदर सिंह और दोनों आरोपी पुराने दोस्त थे। ये तीनों हिमाचल प्रदेश के बद्दी स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती थे। 11 अप्रैल को केंद्र से छुट्टी मिलने के बाद ये फिर से संपर्क में आए और दोबारा नशा करने लगे। 28 अप्रैल की रात नया गांव में तीनों ने मिलकर नशा किया जहां किसी बात पर विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपियों ने हरिंदर को नशे का ओवरडोज दे दिया जिससे वह बेसुध हो गया। इसके बाद आरोपियों ने उसके साथ दरिंदगी की और स्विफ्ट डिजायर कार में डालकर खेतपराली पुल से नीचे फेंक दिया।
400 सीसीटीवी कैमरों ने खोला राज, 5 विशेष टीमों ने दिन-रात एक किया
डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने बताया कि 29 अप्रैल को जब पुल के नीचे शव मिला, तो पुलिस के पास न तो मोबाइल था और न ही कोई पहचान पत्र। मामला पूरी तरह ब्लाइंड था। केस की गंभीरता को देखते हुए एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज और क्राइम ब्रांच इंचार्ज दलीप सिंह के नेतृत्व में 5 विशेष टीमें गठित की गईं। पुलिस ने पंचकूला से लेकर मोहाली तक के करीब 400 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर आखिरकार पुलिस हत्यारों तक पहुंच गई।
खून से सनी कार बरामद, आरोपी भेजे जेल
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार बरामद कर ली है, जिसकी सीटों पर खून के निशान मिले हैं। इसके अलावा मृतक की पगड़ी और जूते भी बरामद कर लिए गए हैं। मृतक हरिंदर सिंह पेशे से रैपिडो चालक था। पुलिस ने रिमांड पूरा होने के बाद दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
नशे से रहें दूर, यह अपराध की पहली सीढ़ी
सीमित सुरागों के बावजूद प्रोफेशनल तफ्तीश से आरोपियों को पकड़ा गया है। समाज को नशे जैसी बुराई से दूर रहना चाहिए, क्योंकि यह इंसान को जघन्य अपराधों की ओर धकेलता है। पुलिस अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। -शिवास कविराज, पुलिस कमिश्नर, पंचकूला