देश के भंडार अन्न से भरने वाले हरियाणा के अन्नदाता संकट की इस घड़ी में सरकार के साथ आ खड़े हुए हैं। कोरोना महामारी को देखते हुए किसानों ने अन्नदान कर देश सेवा का निर्णय लिया है। किसानों से अन्न दान कराने का बीड़ा भारतीय किसान यूनियन हरियाणा ने उठाया है। जिसका समर्थन करते हुए सीएम मनोहर लाल ने भी किसानों से प्रति क्विंटल 1 से 5 किलोग्राम तक अन्न दान की अपील की है।
किसान जैसे ही अपनी फसलों को बेचने के लिए मंडी या खरीद केंद्रों में लाएंगे, उनसे आढ़ती व अधिकारी पूछेंगे कि वे सरकार को अन्न दान करना चाहते हैं या नहीं। अगर वे हां कहेंगे तो उनकी मर्जी अनुसार प्रति क्विंटल अनाज दान के हिस्से में डाल दिया जाएगा। किसान को फसल की उतनी ही मात्रा का भुगतान होगा, जितनी दान के बाद बचेगी।
सीएम मनोहर लाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता में भारतीय किसान यूनियन के आह्वान के शुरू के हिस्से को भी दोहराया। यूनियन की हरियाणा इकाई के प्रधान गुरनाम सिंह चढूनी ने किसानों से बीते सप्ताह अपील की थी कि वे विपदा की घड़ी में सरकार के सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। देश, प्रदेश को हमारे सहयोग की जरूरत है।
राष्ट्र के सभी अन्नदाता किसानों से प्रार्थना है कि हर किसान कम से कम 1 किलो प्रति क्विंटल गेहूं, सरसों, चने अथवा जो भी फसल वे पैदा करते हैं, उसमें से देश की सेवा के लिए अपने ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को जाकर दान करें ताकि सरकार दान के अन्न को भूखे, गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुंचा सके।
हमेशा से ही देश के निर्माण में किसान का बहुत बड़ा योगदान रहा है। जिससे उसको अन्नदाता की उपाधि दी गई है। मंगलवार को सरकार के साथ बैठक में आढ़तियों ने 0.10 प्रतिशत देने की हामी भर दी है।