काफी दिनों से बारिश का इंतजार रहे ट्राइसिटी वासियों को वीरवार सुबह राहत की बौछारें मिलीं। बारिश नहीं होने से ट्राइसिटी का मौसम शुष्क बना हुआ था और आसपास प्रदूषण भी था। बुधवार शाम पांच बजे से लेकर वीरवार शाम पांच बजे तक कुल 9.9 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इस बारिश ने नवंबर के महीने में होने वाली बारिश का दस साल का रिकार्ड तोड़ दिया है। इससे पहले साल 2009 में कुल 14.7 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। बारिश से प्रदूषण का स्तर भी नीचे आ गया है। सेक्टर 25 में रात नौ बजे वायु गुणवत्ता का सूचकांक 79 रिकार्ड किया गया है।
बारिश से दिन के तापमान में पांच डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। वीरवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जबकि न्यूनतम तापमान 16.4 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से चार डिग्री अधिक था। मौसम विभाग की ओर से बताया गया है कि अगले दो दिन में रात के तापमान में दो से तीन डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। शुक्रवार को भी बादल छाएंगे। एक दो इलाकों में बारिश के भी आसार हैं। चंडीगढ़ सहित ट्राइसिटी में बारिश की संभावना पहले से ही बता दी गई थी।
प्राइवेट मौसम एजेंसी स्काईमेट के मुताबिक वीरवार को हुई बारिश की मुख्य वजह गुजरात की तरफ बढ़े चक्रवाती तूफान महा और जम्मू-कश्मीर पहुंचा पश्चिमी विक्षोभ रहा है। बारिश न सिर्फ प्रदूषण से राहत देगी बल्कि रबी के फसलों की बुआई के काम भी बारिश मददगार साबित होगी। पूरे उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां आठ नवंबर की शाम या रात से बंद हो जाएगी। पहाड़ों में हुई बर्फबारी का असर भी मैदानी इलाकों में देखने को मिलेगा। उत्तर-पश्चिमी शुष्क और ठंडी हवाओं का झोंका मैदानी राज्यों में आएगा। बारिश के चलते जहां दिन का तापमान गिरेगा
वहीं हवाएं न्यूनतम तापमान को नीचे लाएंगी, क्योंकि यह हवाएं पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी की ठंडक भी लेकर मैदानी भागों में पहुंचेंगी।