गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (जीएमएसएच) सेक्टर 16 की शाम की ओपीडी (शाम 5 से 8 बजे तक) उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, जो सुबह की भागदौड़ में अपनी सेहत के लिए समय नहीं निकाल पा रहे। अस्पताल की ओपीडी में सुबह सैकड़ों मरीजों की भीड़ के बीच पंजीकरण कराने से डॉक्टर को दिखाने तक में घंटों समय लगना तो तय है।
ऐसे में शाम की ओपीडी में महज एक क्लिक पर पंजीकरण और इलाज की सुविधा उपलब्ध होना उनके लिए राहत की बात है। हालांकि अब भी इस सुविधा की जानकारी बहुत से लोगों को नहीं है, जिससे वे चाहते हुए भी जानकारी न होने के कारण सरकारी अस्पताल में अपना इलाज नहीं कर पा रहे हैं।
इन विभागों में चल रही शाम की ओपीडी
मेडिसिन, सर्जरी, आर्थोपेडिक, गाइनकोलॉजी और पीडियाट्रिक।
विशेषज्ञ डॉक्टर देखते हैं मरीज
अस्पताल की शाम की ओपीडी में विशेषज्ञ डॉक्टरों की ही ड्यूटी लगाई जाती है। ये डॉक्टर एनएचएम के तहत ठेके पर रखे गए हैं। नियमित डॉक्टरों में विशेषज्ञों की कमी होने के कारण विभाग ने सेवानिवृत्त डॉक्टरों को इवनिंग ओपीडी का जिम्मा दिया है।
न मरीजों की भीड़ न लंबा इंतजार
सर्जरी और ऑर्थो की इवनिंग ओपीडी में इलाज कराने आने कौशल कुमार, मणि सिंह और कामिनी भट्ट का कहना है कि सुबह की भागदौड़ में घर और ऑफिस के बीच इतनी व्यस्तता हो जाती है कि अस्पताल आना संभव नहीं हो पाता। शाम की ओपीडी से बहुत राहत मिलती है। एक तो ऑनलाइन मिलने की तारीख ले लेने से घंटों इंतजार वाली स्थिति नहीं आती और दूसरी शाम के समय भीड़ से बच जाते हैं।
ई-पंजीकरण में इसका रखें ध्यान
- जीएमएसएच के ऑनलाइन पंजीकरण साइट पर क्लिक कर दिए गए ब्लॉक में नाम, उम्र, पता, मोबाइल नंबर भरें।
- विभाग और मिलने की तारीख चुने और डॉक्टर का शेड्यूल भरें।
- उसके बाद बुक अप्वाइंटमेंट पर क्लिक करके अपने डॉक्टर और तय समय का निर्धारण करें।
- अप्वाइंटमेंट बुक होते ही आपके मोबाइल पर एसएमएस आएगा। साथ ही ई-पंजीकरण की स्लिप स्क्रीन पर आ जाएगी। उसका प्रिंट निकाल लें।
- तय दिन और समय पर अस्पताल की उस ओपीडी में जाएं और काउंटर पर बैठे कर्मचारी को वे पर्ची दिखाएं।
- अपने सीआर नंबर के साथ ओपीडी कार्ड बनवाएं, उसे लेकर डॉक्टर के कमरे में जाएं और इलाज कराएं।
- यदि अप्वाइंटमेंट में जिस डॉक्टर का नाम लिखा गया है वे किसी कारणवश उस दिन उपलब्ध नहीं है तो उनकी जगह पर उपलब्ध डॉक्टर को दिखाएं।
शाम की ओपीडी में ज्यादातर ई-पंजीकरण वाले मरीज आते हैं। उनमें ज्यादातर नौकरीपेशा लोग शामिल हैं। उनके लिए शाम को नौकरी के बाद अस्पताल आना सुविधाजनक होता है। शाम की ओपीडी में किसी कारणवश तय डॉक्टर के उपस्थित न होने की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाती है।
- डॉ. वीके नागपाल, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट, जीएमएसएस