चंडीगढ़। शिमला के चर्चित गुड़िया मर्डर केस में आरोपी सूरज सिंह की पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में वीरवार को जिला अदालत में तीन आरोपियों ने जमानत याचिका दायर की। यह याचिका पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत की ओर से दायर की गई र्ह। 9 अक्तूबर को जमानत याचिका पर सुनवाई होगी।
शिमला से 58 किलोमीटर दूर कोटखाई के एक स्कूल की स्टूडेंट 4 जुलाई, 2017 को लापता हो गई थी। दो दिन बाद जंगल से उसकी लाश बरामद हुई थी। एसआईटी ने एक स्थानीय युवक और पांच अन्य मजदूरों को गिरफ्तार किया था। इनमें सूरज नाम का एक नेपाली युवक भी था। कोटखाई थाने में 18 जुलाई, 2017 को सूरज की मौत हो गई। सीबीआई जांच में सामने आया कि पुलिस के टॉर्चर से ही सूरज की मौत हुई थी। इस केस में सीबीआई ने तत्कालीन आईजीपी जाहुर एच जैदी, एसपी डीडब्ल्यू नेगी, ठयोग डीएसपी मनोज जोशी, कोटखाई के पूर्व एसएचओ राजिंदर सिंह, एएसआई दीप चंद, हेड कांस्टेबल सूरत सिंह, मोहन लाल, रफिक अली और कांस्टेबल रंजीत को आरोपी बनाया। इन आरोपियों के खिलाफ शिमला की सीबीआई कोर्ट में केस चल रहा था। वहां इनकी तरफ से कोई वकील पेश नहीं हुआ जिस कारण सुप्रीम कोर्ट ने केस को चंडीगढ़ ट्रांसफर करने का आदेश दिया था।