केंद्र सरकार का जोर स्किल इंडिया पर है। इस योजना के तहत युवाओं का कौशल विकास कर रोजगार प्रदान करना है। साथ ही उनके विचारों को पंख लगाने हैं। इसी को ध्यान में रख कर इमटेक संस्थान ने आधुनिक कौशल विकास केंद्र का शुभारंभ किया है। सार्वजनिक व निजी भागीदारी के जरिये यह कार्य हुआ है। मर्क संस्था ने भी इसमें सहयोग किया है।
स्नातक व परास्नातक विद्यार्थी यहां आकर ज्ञान हासिल करेंगे और अपने कौशल का विकास कर सकेंगे। चंडीगढ़ में यह केंद्र खुलने से हजारों युवाओं को इसका लाभ मिलेगा। विद्यार्थी यहां से प्रशिक्षण आदि प्राप्त करने अपने स्टार्ट अप भी शुरू कर सकेंगे। इसका शुभारंभ शुक्रवार को सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मंडे ने किया।
चंडीगढ़ में कौशल विकास केंद्र कई संस्थानों में चल रहे हैं। कुछ कामयाब हैं तो कुछ कागजों में चल रहे हैं। स्किल इंडिया योजना को पंख लगाने के लिए इमटेक ने बीड़ा उठाया और मर्क संस्था ने साथ दिया। इसी के साथ आधुनिक कौशल विकास केंद्र खोल दिया। यह केंद्र उच्च तकनीकीयुक्त है। इस केंद्र के जरिये युवा प्रौद्योगिकियों की जानकारी ले सकेंगे।
एकल-अणु बायोमार्कर का पता लगाने से लेकर तमाम स्वास्थ्य अनुसंधान में इसकी मदद ले सकेंगे। यह केंद्र 1500 वर्ग फीट में फेला है। यह दवाओं की खोज, सस्ती स्वास्थ्य देखभाल, निदान, कैंसर, कृषि जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अनुसंधान, विकास व प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा। फार्मा, बायोटेक, खाद्य उद्योगों आदि क्षेत्रों में काम करने वाले युवाओं को अधिक लाभ मिलेगा।
फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों को मिलेगा लाभ
इस अवसर पर सीएसआईआर के महानिदेशक डॉ. शेखर सी मंडे ने कौशल विकास योजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्नातकों व परास्नातक विद्यार्थियों के लिए यह मुफीद साबित होगा। देश में 65 फीसदी युवाओं की संख्या है। रोजगार की हर किसी को जरूरत है, ऐसे में कौशल विकास केंद्र रोजगार के रास्ते खोलेगा।
कंट्री स्पीकर सुनील पंजाबी ने कहा कि भारत में तेजी से फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री आगे बढ़ रही है। इसके लिए हर वैज्ञानिक अपने ज्ञान, तकनीकी को विकसित करने के लिए इस केंद्र पर मदद ले सकेंगे। इमटेक के निदेशक डॉ. मनोज राजे ने कहा कि इस केंद्र के जरिये हजारों युवाओं को लाभ मिलेगा।