यादवेंद्र पब्लिक स्कूल एसोसिएशन को हाईकोर्ट से मिली बड़ी राहत
आयकर न्यायाधिकरण के फैसले के खिलाफ आयकर विभाग की अपील खारिज
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए यह स्पष्ट कर दिया कि शैक्षणिक ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत संस्थान जो अपनी आय का उपयोग शैक्षणिक उन्नति के लिए करता है, उसे आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 12ए ए के लाभ से वंचित नहीं किया जा सकता। इस प्रावधान के तहत धर्मार्थ गतिविधियों में लगे ट्रस्ट और संस्थान कर छूट और कटौती का दावा करने के लिए पंजीकरण आवेदन कर सकते हैं।
यादवेंद्र पब्लिक स्कूल एसोसिएशन पटियाला ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 12ए ए के तहत पंजीकरण के लिए आवेदन किया था। आयकर आयुक्त ने अधिनियम के तहत पंजीकरण आवेदन रद्द कर दिया। यादवेंद्र पब्लिक स्कूल एसोसिएशन ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण के समक्ष इसे चुनौती दी थी। न्यायाधिकरण ने आयकर आयुक्त के आदेश को खारिज कर दिया और पंजीकरण की अनुमति दे दी थी। आयकर आयुक्त ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए न्यायाधिकरण द्वारा पारित आदेश को चुनौती दी थी।
आयकर विभाग ने दलील दी थी कि एसोसिएशन धर्मार्थ गतिविधियों में संलग्न नहीं है, अधिनियम की धारा 2(15) के अर्थ के भीतर धर्मार्थ उद्देश्य के रूप में शिक्षा प्रदान नहीं कर रही थी। यह एसोसिएशन की जिम्मेदारी थी कि वह अधिकारियों के सामने यह साबित करे कि सोसायटी धर्मार्थ गतिविधियों में शामिल है। हाईकोर्ट ने आनंदा सोशल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट बनाम आयकर आयुक्त व अन्य के मामले का हवाला दिया, जहां सुप्रीम कोर्ट ने धारा 12एए का दायरा निर्धारित किया। हाईकोर्ट ने आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा पंजीकरण प्रदान करने के निर्णय में कोई त्रुटि नहीं पाई।