पीयू को जिन कोर्सेज में विद्यार्थी नहीं मिल रहे हैं, ऐसे कोर्स को बंद किया जा सकता है। नए शैक्षणिक सत्र से पहले पीयू इस पर निर्णय लेगा। सूत्रों के मुताबिक सभी विभागों से विद्यार्थियों का डाटा मांगा जा रहा है। यदि नए कोर्सों में तीन साल से विद्यार्थियों की संख्या सामान्य से कम है तो उन कोर्सेज को बंद किया जाएगा।
हालांकि, ऐसे कोर्स के नाम अभी सार्वजनिक नहीं हुए हैं। उनका डाटा जुटाया जा रहा है। पंजाब विश्वविद्यालय हर साल छह से लेकर 10 नए कोर्सेज शुरू करता है। इसके लिए प्रस्ताव विभाग खुद देते हैं। इसके अलावा पीयू प्रशासन के अधिकारी भी कुछ कोर्सेज संचालन का सुझाव देते हैं और इन कोर्सेज के संचालन पर सिंडिकेट व सीनेट मुहर लगा देती है।
प्रथम चरण में कोर्सेज को कम विद्यार्थी मिलते हैं, लेकिन इस उम्मीद के साथ उसको जारी रखा जाता है कि अगले वर्ष विद्यार्थी आएंगे, लेकिन तीन साल में भी पीयू अधिक विद्यार्थी नहीं जुटा पाता। ऐसे में पीयू को इंफ्रास्ट्रक्चर आदि पर अधिक रकम खर्च करनी पड़ती है। पीयू को आर्थिक नुकसान न हो, इसे देखकर नए कोर्सेज के संचालन व बंद करने पर सोचा जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इस पर निर्णय नए शैक्षिक सत्र से पहले हो जाएगा।