पंचकूला। आईसीएसई बोर्ड ने रविवार को 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है। इसमें लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल सेक्टर-14 के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है। आईसीएसई बोर्ड की परीक्षा में सेक्टर-15 निवासी अरमान चहल ने पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने इस परीक्षा में 99 फीसदी अंक हासिल किए हैं। सेक्टर-4 निवासी छात्रा अर्शिया ने दूसरा स्थान हासिल किया है। उन्होंने 98.2 फीसदी अंक हासिल किए हैं। सेक्टर-25 निवासी अर्चित चौधरी तीसरे स्थान पर रहे हैं। उन्होंने इस परीक्षा में 98 फीसदी अंक हासिल किए हैं।
इंजीनियर बनकर करना चाहता हूं देश की सेवा
सेक्टर-14 स्थित लिटिल फ्लावर कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थी अरमान चहल ने बताया कि कक्षा के बाद वह नियमित पांच से छह घंटे की पढ़ाई करते थे। उन्होंने बताया कि वह अंग्रेजी, गणित के चैप्टर की फोकस स्टडी करते थे। इस कारण उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। वह एयरो स्पेस इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। उनके रोल मॉडल उनके अभिभावक हैं।
अरमान चहल ने बताया कि उनके पिता अरविंदर सिंह चहल साइंटिस्ट हैं। उनकी मां ज्योत्स्ना चहल हाउस वाइफ हैं। उन्होंने उन्हें हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया। इस कारण उन्हें यह मुकाम हासिल हुआ है। रिजल्ट आने के बाद अरमान के घर लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं। अरमान चहल वीडियो गेम्स खेलकर अपने को पढ़ाई के दौरान तनाव से दूर रखते थे।
आईआईटी मुंबई से पढ़ाई कर कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हूं।
पंचकूला सेक्टर-14 लिटिल फ्लावर स्कूल की छात्रा अर्शिया शर्मा कंप्यूटर इंजीनियर बनना चाहती हैं। उनके पिता आशुतोष शर्मा प्राइवेट जॉब करते हैं। वहीं उनकी मां मोना शर्मा जीएमसीएच -32 में मिनिस्ट्रियल स्टाफ में काम करती हैं। उन्होंने बताया कि वह क्लास अटेंड करने के बाद चार घंटे की पढ़ाई रोजाना करती थीं।
उन्होंने बताया कि परीक्षा के समय में सभी चैप्टर को ठीक तरीके से क्लीयर किया। इस दौरान उनके स्कूल के टीचर्स ने उनकी मदद की। उन्होंने बताया कि वह अपनी रोल मॉडल अभिभावकों को मानती हैं। वह उनकी जरूरत को पूरा करने के लिए कड़ा परिश्रम करते हैं। वहीं पढ़ाई के तनाव को कम करने के लिए उन्होंने खाली समय में हारमोनियम बजाया और म्यूजिक सुनकर अपने को तनाव से दूर रखा।
अच्छा फुटबाल खिलाड़ी बनने के साथ बनाना चाहते हैं कॅरियर
सेक्टर -25 निवासी अर्चित चौधरी फुटबाल के बेहतरीन खिलाड़ी है। अर्चित चौधरी के पिता जोगेंद्र चौधरी कार्पोरेशन मिनिस्टर बनवारी लाल के सचिव हैं। माता भी सरकारी नौकरी करती हैं। जोगेंद्र चौधरी ने बताया कि अर्चित पढ़ाई में होशियार होने के साथ-साथ फुटबाल का भी अच्छा खिलाड़ी है। उसने बिना कोचिंग लिए और केवल थोड़े से समय घर पर पढ़ाई करके 98 फीसदी अंक हासिल किए हैं। अच्छे अंक लाने के बाद परिवार में खुशी की लहर है। अर्चित ने बताया कि टीचर के सहयोग से उसने बेहतरीन पढ़ाई की है।