चंडीगढ़। हरियाणा कैडर की आईएएस रानी नागर ने हत्या की आशंका जताई है। इस संबंध में शनिवार सुबह अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट की। उन्होंने लिखा कि मार्च 2022 के अंत से गाजियाबाद के नेहरूनगर स्थित टू-ए-220 में पिता के घर पर रह रही हैं। किसी ने उनके कमरे में कारतूस, ताबीज और अन्य लोहे का सामान रखा है। उनका कहना है कि वे नाजायज दबाव के आगे नहीं झुक रहीं और यह एक तरह से उन्हें जान से मारने की धमकी है। इससे आगे रानी नागर ने लिखा-23 अप्रैल 2022 सुबह 8:09 बजे भारत के संविधान अनुसार ईश्वर की शपथ लेते हुए यह बयान देती हूं कि यदि निकट भविष्य में अपराधी मेरी हत्या कर देते हैं तो इस शपथ और तस्वीर में दिखाए गए कारतूस व अन्य सामान को वैध साक्ष्य के रूप में स्वीकार किया जाए। नागर वर्तमान में नागरिक संसाधन सूचना विभाग में अतिरिक्त सचिव के पद पर तैनात हैं।
आईएएस नागर इस्तीफा देने पर आई थी चर्चा में
आईएएस रानी नागर मई 2020 में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अतिरिक्त निदेशक पद से इस्तीफा देने पर काफी चर्चा में रह चुकी हैं। हालांकि, उनका इस्तीफा केंद्र सरकार ने नामंजूर कर दिया था। इसके बार रानी को इस्तीफा वापस लेना पड़ा। उन्होंने 12 मई 2020 को भी आरोप लगाया था कि उनके गाजियाबाद निवास के गेट पर दोपहर लगभग 2:50 बजे नकाबपोश व्यक्ति ने हेलमेट व काला चश्मा पहनकर बार-बार लातें मारी हैं। 30 मई 2020 की रात को रानी ने अपने व बहन पर लोहे की रॉड से हमले का आरोप लगाया। रानी ने चंडीगढ़ अदालत में पूर्व आईएएस व कुछ अन्य अफसरों के खिलाफ भी केस कराया हुआ है।
अब तक रानी के साथ हुईं घटनाएं
दिसंबर 2017 में रानी नागर डबवाली में एसडीएम के तौर काम कर रही थीं, तो उनके घर पर हमला हुआ। 24 दिसंबर, 2017 को पुलिस ने दबाव बढ़ने पर एफआईआर दर्ज की।
जून 2018 में रानी नागर ने यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई।
17 अप्रैल, 2019 को रानी नागर ने अपने फेसबुक पर खुद पर हुए हमलों और खतरे के बारे में सार्वजनिक तौर से लिखा।
बतौर आईएएस रानी नागर दिसंबर, 2019 से चंडीगढ़ यूटी गेस्ट हाउस के कमरा नबर 311 में अपनी बहन के साथ रहीं। उनके खाने में पिन निकला। लॉकडाउन में रानी व उनकी बहन को खाना तक नहीं दिया गया। उनके कमरे का दरवाजा तक टूटा हुआ था।