संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। भारतीय सेना की 13 सिख एलआई यूनिट के हवलदार कश्मीर सिंह सेना मेडल का 38वां बलिदान दिवस बेटे रूप तेजिंदर सिंह की अध्यक्षता में गांव निक्को सरां में बलिदानी की याद में बने स्मारक पर आयोजित किया गया।
इसमें शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की बतौर मुख्य मेहमान शामिल हुए। इनके अलावा बलिदानी की बेटी सुखविंदर कौर, दामाद एएसआई तरलोक सिंह, भाई नायक मंगत सिंह, बलिदानी लांसनायक राजिंदर सिंह की माता पलविंदर कौर, बलिदानी कांस्टेबल मनदीप कुमार के पिता नानक चंद ने शामिल होकर बलिदानी हवलदार कश्मीर सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
इनके अलावा पूर्व सैनिक सर्व सांझी कमेटी पंजाब के चेयरमैन कैप्टन प्यारा सिंह, सीनियर एडवाइजर सूबेदार मेजर जसवंत सिंह व हवलदार निर्मल सिंह, कोषाध्यक्ष हवलदार गुरचरण सिंह, जिला प्रधान सूबेदार मेजर मनजिंदर सिंह भी इसमें शामिल हुए। मुख्यातिथि व अन्य मेहमानों ने बलिदानी की प्रतिमा के समक्ष रीथ चढ़ाते हुए उन्हें सैल्यूट कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने कहा पंजाब वीरों की भूमि है जब भी देश की सुरक्षा को खतरा पैदा हुआ यहां की बलिदानी मिट्टी ने झोलियां भर-भर के अपने असंख्य लाल देश की बलिवेदी पर कुर्बान किए हैं।
बलिदानी के बेटे रूप तेजिंदर सिंह ने कहा कि जब उनके पिता श्रीलंका की विदेशी धरती पर लिट्टे आतंकियों से लड़ते हुए बलिदान हुए उस समय उनकी उम्र मात्र आठ साल की थी उस समय की सरकार ने बलिदानी पिता की याद में गैस एजेंसी देने व गांव में उनके नाम का एक स्टेडियम बनाने की घोषणा की थी मगर अफसोस समय-समय की सरकारों ने उनके पिता के बलिदान को भुलाते हुए उन घोषणाओं को अमलीजामा नहीं पहनाया।