चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने कोविड-19 रोगियों को एचआरसीटी चेस्ट और अन्य लैब टेस्ट में बड़ी राहत देते हुए मंगलवार को लैब टेस्ट की दरों को सीमित कर दिया है।
सरकारी प्रवक्ता के अनुसार एचआरसीटी चेस्ट के लिए 2100 रुपये, आईएल-6 के लिए 1,000 डी-डिमर के लिए 400 रुपये, एलडीएच के लिए 250 रुपये, सीआरपी के लिए 350 रुपये, प्रोकैल्सिटोनिन के लिए 1,500 रुपये और फेरिटिन के लिए 300 रुपये तय किए गए हैं। इन दरों में टेस्ट पर होने वाले सभी खर्च जैसे पीपीई, पैकिंग, दस्तावेज, रिपोर्टिंग और जीएसटी, अन्य कर (यदि कोई हो) शामिल हैं। हालांकि, होम कलेक्शन के मामले में परिवहन, पीपीई किट और मैनपॉवर आदि के खर्च पर उपरोक्त टेस्ट दर के अलावा एक या एक से अधिक सैंपल लेने के बावजूद 200 रुपये प्रति घर वसूल करने की अनुमति होगी। तय की गई दरें पीपीपी मोड के तहत स्वास्थ्य विभाग को सेवाएं प्रदान करने वाले सीटी स्कैन केंद्रों पर लागू नहीं होंगी। इन केंद्रों पर मौजूदा दरें ही लागू रहेंगी।
इन आदेशों का पालन न करने पर आईपीसी की धारा 188 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। विभिन्न निजी अस्पतालों, डायग्नोस्टिक सेंटर और लैब द्वारा असमान और अत्यधिक दरों की वसूली करने की शिकायतों के बाद टेस्ट दरों को सीमित करने का निर्णय लिया गया है। सरकार ने महामारी रोग अधिनियम, 1897 के तहत दी गई शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन टेस्ट के लिए अधिकतम शुल्क को सीमित किया है।