अस्पताल में अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
पंचकूला। शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में सैंपलिंग कराने में मरीज और तीमारदार को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सुबह के समय पर्ची बनवाने और डॉक्टर को दिखाने के बाद मरीज को दो बार लाइन में लगना पड़ता है। सुबह सैंपल लेने के बाद शाम को तीन बजे तक रिपोर्ट आ रही है। इस कारण इलाज कराने आए मरीजों का पहले दिन इलाज ही नहीं हो पाता है। रिपोर्ट मिलने के बाद दूसरे दिन ही डॉक्टर दवाई लिखकर इलाज शुरू करते हैं। इसके अलावा थायराइड, बच्चों में विटामिन, सीबीसी के टेस्ट भी समय पर नहीं हो पा रहे हैं। अमर उजाला की टीम की पड़ताल में लोगों की परेशानी सामने आई।
शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना तीन हजार मरीज ओपीडी में इलाज के लिए आते हैं। लोगों को पहले काउंटर पर जांच की फीस और इंट्री करवाने के लिए लाइन लगानी पड़ती है। इसमें भीड़ के समय एक घंटे का समय लगता है। इसके बाद दूसरी लाइन जांच के लिए सैंपल लेने वाली नली लेने के लिए लगानी पड़ती है। इलाज के लिए बुढ़नपुर से आई सविता देवी ने बताया कि बच्चे के विटामिन की जांच भी अभी तक नहीं हो पाई है। सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट तीन दिन बाद नहीं आई है। संवाद
तीन घंटे बाद हुआ टेस्ट
मेरी पत्नी की तबीयत तीन दिन से खराब है। टेस्ट के लिए इमरजेंसी में डॉक्टरों ने नौ बजे लिखा। तीन घंटे 12 बजे तक लाइन में लगा रहा। इसके बाद पत्नी के सैंपल लिए गए हैं। सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट तीन बजे आई है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ा है। -शिवम गुप्ता निवासी कालका
सभी टेस्ट की रिपोर्ट नहीं आई
एक्सीडेंट होने के बाद इलाज के लिए अस्पताल आया। थायराइड के टेस्ट के लिए डॉक्टर ने लिखा। थायराइड की टेस्टिंग किट चार दिन बाद भी नहीं आई है। पता करने पर लैब में कहा गया कि अभी थायराइड टेस्टिंग किट नहीं है। इस कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - दुर्गानंद निवासी सेक्टर -25
पंचकूला के अलावा पंजाब और चंडीगढ़ की लगती सीमा के मरीज आते हैं। सुबह अधिक मरीज आने के कारण काउंटर पर भीड़ हो जाती है। इसके बाद दिन में काउंटर खाली होते हैं। अस्पताल में इलाज के लिए शाम की ओपीडी भी लगती है। टेस्ट के लिए मरीजों के टेस्ट लिए जाते हैं। इसे देखेंगे अगर जरूरत पड़ेगी तो कांउटर भी बढ़ाए जाएंगे। -रीटा कालरा, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6