माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। पिछले दिनों हुई मूसलाधार बारिश की वजह से पिंजौर-कालका-परवाणू बाईपास किनारे भारी भूस्खलन से पिंजौर चोना चौक से लेकर विश्वकर्मा कॉलोनी तक के पुराने दर्जनों मकानों के गिरने का खतरा पैदा हो गया है। वर्ष 2017 से स्थानीय लोग अधिकारियों, नेताओं से बाईपास निर्माण के बाद मकानों की सुरक्षा के लिए डंगे सुरक्षा दीवारें बनाने की मांग करते आ रहे हैं लेकिन आज तक किसी ने कोई सुनवाई नहीं की। इतना ही नहीं अभी हुए भूस्खलन के बाद भी अधिकारी लोगों के मकानों की सुरक्षा के लिए पुख्ता प्रबंध करने का आश्वासन तक नहीं दे रहे हैं।
पीड़ितों ने पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के समक्ष समस्या को रखकर उनका समाधान करवाने की मांग की है। इसके बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन लोगों की समस्याओं को लेकर एनएचएआई अधिकारियों से मिलने के लिए एक शिष्टमंडल लेकर पहुंचे। स्थानीय लोगों के शिष्टमंडल ने पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के नेतृत्व में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के प्रोजेक्ट डायरेक्टर प्रदीप अत्री से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौंपा और लोगों की समस्याओं का स्थाई समाधान करने की मांग की। शिष्टमंडल में पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के साथ एनएसयूआई राष्ट्रीय प्रवक्ता दीपांशु बंसल एडवोकेट, कांग्रेस नेता सचिन शर्मा, पूर्व पार्षद रमेश चंद भट्टी, चेतन शर्मा, करम चंद शुक्ला एडवोकेट आदि अन्य लोग भी शामिल थे।