कहने को होमगार्ड विभाग के जवान। मगर घर का चूल्हा जलाने के लिए इनके हाथ में तीन माह से पगार नहीं आई है। दिन भर ड्यूटी के बाद हाथ खाली हैं। पगार कब मिलेगी? इसका इंतजार है। ऐसे में घर की जरूरतें और होली का त्योहार कैसे मनाएंगे इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
अफसरों का सिर्फ यही कहना है कि जल्द वेतन खाते में डाल दिया जाएगा। हरियाणा गृहरक्षी विभाग के करीब 186 जवान विभिन्न जगह ड्यूटी दे रहे हैं। सरकार की ओर से इन्हें प्रतिदिन 300 रुपये के हिसाब से 9000 रुपये भुगतान किया जाता है। इनमें अधिकांश वे जवान हैं, जिनकी पारिवारिक आर्थिक हालात कमजोर है। लेकिन तीन महीने वेतन का भुगतान नहीं किया गया है।
सेंटर कमांडेंट की प्रतिक्रिया
गृहरक्षी विभाग के सेंटर कमांडेंट कंवरपाल राणा ने इस बात की पुष्टि की है कि विभाग में कार्यरत 186 होमगार्ड का भुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि बजट की वजह से ऐसा हुआ है। उम्मीद है कि जल्द सभी जवानों का भुगतान खातों में डाला जाएगा।
चंडीगढ़ से साढ़े चार हजार कम वेतन
विभाग के जवानों में इस बात को लेकर भी रोष है कि उनका भुगतान चंडीगढ़ के मुकाबले काफी कम है। इन्होंने बताया कि जहां चंडीगढ़ में प्रत्येग गृहरक्षी जवान को साढ़े तेरह हजार रुपये महीना भुगतान किया जा रहा है,वहीं हरियाणा में साढ़े चार हजार रुपये कम, यानि 9 हजार वेतन हैं।