एचएमटी के ज्वाइंट जनरल मैनेजर कंवलजीत सिंह नागी के अंतिम भोग पर एचएमटी कार्मिक संघ ने श्रद्धांजलि देने के साथ सरकार से सुसाइड प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की।
रविवार को एचएमटी के अफसर ब्लॉक में 28 मार्च को एचएमटी की 45 फुट ऊंची पानी की टंकी से कूदकर आत्महत्या करने वाले ज्वाइंट जनरल मैनेजर कंवलजीत सिंह नागी का अंतिम भोग था।
हैरानी वाली बात रही कि अंतिम भोग में पिंजौर के एचआर चीफ बीडी बिजोला को छोड़कर अन्य कोई बड़ा अधिकारी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने नहीं पहुंचा। नागी के अंतिम भोग पर एचएमटी ऑफिसर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने श्रद्धांजलि अर्पित की।
वहीं श्रद्धांजलि कार्यक्रम में एचएमटी कार्मिक संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने कंवलजीत सिंह नागी के सुसाइड प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और उनकी मौत के लिए जो भी दोषी हो, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने मुख्य रूप से तीन मांगें रखी। इनमें दोषियों पर कार्रवाई के अलावा, नागी की रिटायरमेंट तक उनके परिवार को एचएमटी के आफिसर ब्लॉक में अलॉट मकान में रहने की अनुमति देने और उनकी बेटी को सरकार नौकरी देने की मांग है।
गौरतलब है कि नागी की रिटायरमेंट में करीब तीन साल का वक्त है। उनकी छोटी बेटी इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। शनिवार को उनकी पत्नी निहाल कौर ने नागी को आत्महत्या के लिए विवश करने वालों का नार्को टेस्ट कराने की मांग की थी।
पिछले 20 माह से चल रहा एचएमटी का काला अध्याय
एचएमटी कार्मिक संघ के महासचिव रामशरण कांटिवाल ने कहा कि एचएमटी में पिछले कुछ वर्षों से जो हालात बने हैं, उससे पूरा एचएमटी स्टाफ चिंता में है। पिछले 20 महीनों से एचएमटी का जो दौर शुरू हुआ है, वह आज तक के इतिहास में एचएमटी का सबसे काला अध्याय है।
उन्होंने बताया कि संघ के अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने सरकार और प्रशासन के प्रतिनिधियों से मिलकर एचएमटी की फैक्टरी को चलाने और जल्द सैलरी रिलीज करने की मांग की है। लेकिन अभी तक सिर्फ आश्वासन ही मिले हैं।