चंडीगढ़। भाखड़ा और पौंग बांध में पिछले साल के मुकाबले अधिक पानी है। यही कारण है कि भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने राज्यों की मांग के अनुरूप पानी छोड़ना शुरू कर दिया है। बोर्ड मानसून से पहले बांधों को तैयार कर रहा है, क्योंकि पिछले साल पंजाब और हरियाणा में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी जिस कारण दोनों राज्यों को काफी नुकसान झेलना पड़ा था। हालांकि मांग से अधिक पानी छोड़ने से पहले राज्यों को सूचना देना अनिवार्य किया गया है।
खरीफ सीजन के तहत धान की रोपाई भी शुरू हो गई है जिस कारण खेतों में सिंचाई के लिए पानी की मांग बढ़ गई है। हरियाणा ने बोर्ड को 10 हजार क्यूसिक पानी की मांग की थी जिसके तहत बोर्ड ने हरियाणा को रोजाना इतने पानी की आपूर्ति शुरू कर दी है। वहीं पंजाब ने भी 8 से 10 हजार क्यूसिक अतिरिक्त पानी की मांग की थी जिसके तहत ही बोर्ड सूबे को पानी दे रहा है। इसी तरह राजस्थान को तकरीबन 13 हजार क्यूसिक पानी की आपूर्ति की जा रही है।
भाखड़ा का जलस्तर अभी 1577 फीट है, जो पिछले साल के मुकाबले 21 फीट अधिक है। इसी तरह 1327 फीट के साथ पौंग बांध का जलस्तर 35 फीट अधिक बना हुआ है। यही कारण है कि मानसून से पहले बोर्ड दोनों बांधों का जलस्तर कम कर रहा है ताकि पिछले साल जैसे हालात पैदा न हो। बोर्ड की तरफ से बांधों की सफाई का काम भी शुरू किया जाना है जिसके चलते ही बांधों का जलस्तर कम किया जा रहा है।