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Panchkula News: स्टिल्ट प्लस 4 नीति पर हाईकोर्ट की रोक से जगी राहत की उम्मीद

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पंचकूला के लोगों ने फैसले का किया स्वागत
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संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा स्टिल्ट प्लस 4 नीति पर दिए गए हालिया आदेश के बाद शहर के रेजिडेंट्स और समाजसेवियों में खुशी की लहर है। पंचकूला के विभिन्न नागरिक संगठनों और विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला न केवल बुनियादी ढांचे को ढहने से बचाएगा, बल्कि शहर के मूल स्वरूप को भी सुरक्षित रखेगा। स्थानीय निवासियों ने एक सुर में कहा कि बिना बुनियादी ढांचे को सुधारे थोपी गई यह नीति शहर के लिए नासूर बनती जा रही थी।
बुनियादी सुविधाओं पर बढ़ता दबाव बना चिंता का विषय
सिटीजंस वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष एस.के. नैय्यर ने कोर्ट के आदेश को जनहित की जीत बताया। उन्होंने कहा, “पंचकूला में सीवरेज, पानी, बिजली और ट्रैफिक की समस्याएं भयावह रूप ले रही थीं। यह फैसला नागरिकों के जीवन स्तर को संतुलित करने और भविष्य की सुविधाओं को सुरक्षित रखने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।”
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इसी कड़ी में आरसी गुप्ता ने चेतावनी देते हुए कहा कि विकसित सेक्टरों में इस नीति के कारण पड़ोसी मकानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे ही रहे तो भविष्य में पहली मंजिल तक पानी नहीं पहुंचेगा और गलियों में सीवर का गंदा पानी बहेगा। बुनियादी ढांचे को मजबूत किए बिना ऐसा निर्माण शहर के लिए गंभीर खतरा है।

राजस्व के चक्कर में बिगड़ा शहरी संतुलन
सेक्टर-16 निवासी सुभाष पपनेजा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस नीति को बिना किसी गहन अध्ययन के केवल राजस्व बढ़ाने के उद्देश्य से लागू किया गया था। यह पहले से स्वीकृत मास्टर प्लान के विरुद्ध है, जिससे शहरी विकास का संतुलन पूरी तरह बिगड़ चुका है। पानी, सफाई और सड़कों पर पड़ रहा अतिरिक्त दबाव इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है।
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विकास योजनाओं में जनहित और पर्यावरण हो सर्वोपरि
मनोज अग्रवाल ने कहा कि सरकार की बिना सोचे-समझे लागू की गई नीतियों के कारण शहर का ढांचा चरमरा रहा है। लोग लंबे समय से जाम और बिजली-पानी की किल्लत से जूझ रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कोई भी विकास योजना नागरिक सुविधाओं और पर्यावरण संतुलन को ध्यान में रखकर ही बननी चाहिए। कोर्ट के हस्तक्षेप से अब शहरी विकास में स्थिरता आएगी और लोगों को बेहतर जीवन गुणवत्ता मिल सकेगी।

कोट
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा स्टिल्ट प्लस 4 पर रोक का फैसला सराहनीय कदम है।
-वीपी मलिक, पूर्व थल सेना अध्यक्ष जनरल
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