सेंट्रल एडमिनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) द्वारा 17 जनवरी को पंजाब के डीजीपी के पद पर दिनकर गुप्ता (हेड ऑफ पुलिस फोर्स) की नियुक्ति रद्द किए जाने के फैसले पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट पहले ही रोक लगा चुका है। इस पर बहस जारी है। गुरुवार को डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा कि इस मामले में जल्द सुनवाई की जाए।
हाईकोर्ट ने अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि जिस बेंच के समक्ष अपील पर सुनवाई चल रही है, वही इस पर निर्णय ले सकती है। लिहाजा खंडपीठ ने याचिका पर सुनवाई 2 जुलाई तक स्थगित कर दी। डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने दिनकर गुप्ता को डीजीपी बनाने के फैसले को कैट में चुनौती दी थी।
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याचिका में अपना पक्ष रखते हुए दोनों की ओर से कहा गया था कि वे दोनों दिनकर गुप्ता से सीनियर हैं और मेरिट बेस में भी उनसे आगे हैं। इसलिए दिनकर गुप्ता से पहले डीजीपी बनने का अधिकार उन्हें मिलना चाहिए। कैट ने 17 जनवरी को दोनों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए डीजीपी (हेड ऑफ पुलिस फोर्स) के पद पर दिनकर गुप्ता की नियुक्ति को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया था।
कैट के फैसले को पंजाब सरकार और दिनकर गुप्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने 21 जनवरी को अपील पर सुनवाई करते हुए कैट के फैसले पर रोक लगा दी थी। इस केस में दोनों पक्षों में बहस जारी है।