फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panchkula News: सेवा में असमर्थ सरकारी कर्मचारियों को लेकर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, मदद की नीति पर जवाब तलब

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। महिला कांस्टेबल के 2 साल कोमा में रहने और इसके बाद पीजीआई में इलाज के दौरान वेतन रोकने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए चंडीगढ़ के एसएसपी से जवाब तलब कर लिया है। कोर्ट ने ऐसे कर्मचारियों की मदद के लिए नीति को लेकर पंजाब व हरियाणा सरकार सहित चंडीगढ़ प्रशासन को भी नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

एक मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष चंडीगढ़ पुलिस की एक कांस्टेबल की जानकारी पहुंची थी जो काफी समय से कोमा में थी। इसके बाद उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में आरंभ हुआ और इस दौरान पुलिस विभाग ने उसका वेतन रोक दिया। समाचार पत्र में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने इसे व्यापक जनहित का मुद्दा बताया। कोर्ट ने कहा कि किसी भी कर्मचारी के दिव्यांग होने के बाद उसके सेवा लाभ नहीं रोके जाने चाहिए। कर्मचारी यदि सेवा में असमर्थ हो गया है तो ऐसे क्या प्रावधान किए जा सकते हैं जिससे उनकी मदद की जा सके। हाईकोर्ट ने कहा कि इस विषय पर विस्तृत सुनवाई जरूरी है और ऐसे में चंडीगढ़ के एसएसपी बताएं कि क्या ऐसा कोई प्रावधान है जिसके तहत सेवा में असमर्थ हुए कर्मचारियों की सहायता की जा सके।
इसके साथ ही उन्हें इस बारे में सुझाव सौंपने को भी कहा गया है। कोर्ट ने कहा कि कर्मचारियों से जुड़ा मुद्दा हरियाणा व पंजाब में भी उतना ही अहम है। ऐसे में दोनों राज्य बताएं कि इस तरह के मामलों को लेकर उनकी नीति क्या है। कोर्ट ने सभी पक्षों को अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें