चंडीगढ़। मोगा के बाघापुराना पंचायत समिति चुनाव विवाद में मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया। सुनवाई के दौरान अदालत ने एसडीएम को फटकार लगाते हुए मुख्य सचिव को लिखी गई और सोशल मीडिया पर वायरल हुई चिट्ठी पर जवाब तलब किया। कोर्ट ने पूछा कि संवेदनशील पत्र आखिर सार्वजनिक कैसे हुआ।
एसडीएम ने अदालत को बताया कि उन्होंने दबाव में आकर यह पत्र लिखा था। इस पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में अधिकारी को छुट्टी लेने या वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे बात करनी चाहिए थी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जिम्मेदार पद पर इस तरह की कार्यप्रणाली स्वीकार नहीं है और अगर आरोप गलत साबित होते हैं तो जवाबदेही तय होगी।
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रहे हैं, जबकि उन्हें मतदान का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने साफ कहा कि जिसे वोट का अधिकार नहीं, वह चुनाव में हिस्सा नहीं लेगा।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि शनिवार को चुनाव डीसी की निगरानी में होंगे। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई जाएगी और वकील जपजीत सिद्धू को ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार को उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।