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Panchkula News: दो साल से लापता युवक की तलाश में पुलिस ने नहीं लिखी एफआईआर, हाईकोर्ट ने लगाई फटकार

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अमर उजाला ब्यूरो
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चंडीगढ़। चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने करीब दो साल से लापता युवक दिशव गर्ग की एफआईआर दर्ज न करने पर पुलिस को फटकारा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि थानों के बीच क्षेत्राधिकार का विवाद एफआईआर में देरी का आधार नहीं बन सकता। हाईकोर्ट ने लुधियाना के पुलिस आयुक्त को तत्काल एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
न्यायमूर्ति वीरेंद्र अग्रवाल ने 3 सितंबर को यह आदेश सुमित गर्ग की याचिका पर दिया। सुमित ने अपने भाई दिशव को तलाशने और मामला दर्ज करने की मांग की थी। दिशव 14 सितंबर 2023 को घर से लापता हो गया था। परिवार ने पुलिस से संपर्क किया लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। पुलिस ने क्षेत्राधिकार विवाद के कारण शिकायत को एक थाने से दूसरे थाने भेजा। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने भी 30 मई 2026 को आवेदन खारिज कर दिया था।
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जांच की व्यक्तिगत निगरानी :
हाईकोर्ट ने कहा कि लापता व्यक्ति के मामले में देरी से साक्ष्य जुटाने की संभावना गंभीर रूप से प्रभावित होती है। अदालत ने सुप्रीम कोर्ट के जी. गणेश बनाम तमिलनाडु सरकार मामले का भी उल्लेख किया। इसमें एफआईआर दर्ज करने और तत्काल कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया गया था। पुलिस आयुक्त लुधियाना को जांच की व्यक्तिगत निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें दिशव गर्ग को तलाशने के लिए समयबद्ध प्रयास करने होंगे।
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