इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सुनवाई टाली, 27 जुलाई को होनी है वहां सुनवाई
इलाहाबाद हाईकोर्ट फिल्म के निर्माता, निर्देश और लेखक को कर चुका है तलब
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। फिल्म आदिपुरुष के हरियाणा, पंजाब व चंडीगढ़ में प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने फिलहाल कोई भी आदेश जारी करने से इन्कार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट फिल्म के निर्माता, निर्देश व लेखक को तलब कर चुका है और कमेटी बनाने का आदेश जारी कर चुका है। इस मामले की सुनवाई वहां 27 जुलाई को होनी है और ऐसे में कोर्ट ने इस याचिका पर बिना कोई आदेश जारी किए सुनवाई टाल दी।
पटियाला के महंत रविकांत और लुधियाना के अश्वनी कुमार ने जनहित याचिकाएं दायर करते हुए फिल्म के प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। याचिका में कोर्ट को बताया गया कि विश्व में करीब 300 प्रकार की रामायण हैं, भारत में वाल्मीकि व तुलसीदास रामायण को माना जाता है। इन पर कई फिल्म व टीवी धारावाहिक भी बने जिसमें रामायण के सभी पात्रों का प्रभावशाली चरित्र दिखाया गया। रामानंद सागर द्वारा बनाया गया रामायण धारावाहिक आज भी लोगों के मन में बसा हुआ है लेकिन फिल्म आदिपुरुष में भगवान राम सहित रामायण के अन्य चरित्रों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं किया गया है और पात्रों के संवाद भी बेहद स्तरहीन हैं।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में भगवान राम, माता सीता, हनुमान और रावण जैसे धार्मिक चरित्रों की छवि के साथ छेड़छाड़ की गई है। याचिकाकर्ता ने फिल्म आदिपुरुष को जारी सेंसर सर्टिफिकेट रद्द करने के साथ ही फिल्म को प्रतिबंधित करने की मांग की है।