वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका
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हरियाणा के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका की याचिका पर सुनवाई करते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने जवाब दाखिल न करने पर केंद्र सरकार को जमकर फटकार लगाई। न्यायालय ने केंद्र सरकार पर 1000 जुर्माना लगाते हुए जवाब दाखिल करने के लिए एक सप्ताह की अंतिम मोहलत दी है।
खेमका ने कैट के उस आदेश को चुनौती दी है जिसके तहत केंद्र में अतिरिक्त सचिव बनाने की उनकी मांग को कैट ने खारिज कर दिया था। खेमका ने कहा कि उनको केंद्र में सेवाएं देनी हैं, ऐसे में उनको केंद्र सरकार में अतिरिक्त सचिव या समकक्ष पद पर नियुक्ति दी जाए।
उन्होंने कई बार केंद्र में अतिरिक्त सचिव बनाए जाने के लिए आवेदन किया लेकिन बार-बार उनका आवेदन रद्द कर दिया गया। उन्होंने तीन अन्य ऐसे अफसरों के नाम दिए, जिन्होंने आवेदन भी नहीं किया था फिर भी उन्हें केंद्र में अतिरिक्त सचिव बना दिया गया।
केंद्र में नियुक्ति के लिए कोई दावा नहीं कर सकता: कैट
कैट ने खेमका की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि केंद्र का कैडर एक्स कैडर है। यहां पर नियुक्ति के लिए कोई दावा नहीं कर सकता है। यह अक्सर देखा जाता है कि केंद्र की इंपैनलमेंट के लिए आवेदन किया जाता है लेकिन दावा करने के स्थान पर याचिकाकर्ता को इसके लिए अपनी सेवाओं के स्तर पर और अधिक बेहतर कार्य करना चाहिए। एक्स कैडर में नियुक्ति के लिए न्यूनतम तीन वर्ष का डिप्टी सेक्रेटरी पद का अनुभव अनिवार्य है। कैट द्वारा याचिका खारिज किए जाने को याचिकाकर्ता ने गलत करार देते हुए उच्च न्यायालय से उसके आदेश को रद्द करने की अपील की है।