चंडीगढ़। अवैध वसूली के मामले में आरोपी बठिंडा के जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. रमेश कुमार महेश्वरी को बड़ा झटका देते हुए पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। वायरल रिकॉर्डिंग हरियाणा के टोहाना से सीनियर मेडिकल ऑफिसर रिटायर हुए सतीश गर्ग और याचिकाकर्ता के बीच की बताई जा रही है। आरोप के अनुसार डॉ. गर्ग के भाई सहित विभिन्न दुकानदारों से याचिकाकर्ता पैसों की मांग कर रहा था। साथ ही यह भी कह रहा था कि यदि उसे पैसा नहीं दिया गया तो उनकी दुकानों से सैंपल उठा लेगा। ऑडियो वायरल होने के बाद इस मामले में बठिंडा के सिविल सर्जन ने पुलिस को शिकायत सौंपी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने प्राथमिक जांच शुरू की और उसके बाद मामला दर्ज कर लिया गया। याचिकाकर्ता का कहना है कि जो ऑडियो वायरल हुई है उसमे आवाज उसकी नहीं है। याचिकाकर्ता ने कहा कि वह जांच में सहयोग करने को तैयार है और अपनी आवाज का सैंपल देने के लिए भी तैयार है। उच्च न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि इस तरह के अपराध आर्थिक अपराधों की श्रेणी में आते हैं और इस वजह से याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। यदि याचिकाकर्ता को अग्रिम जमानत दी गई तो वह जांच को प्रभावित कर सकता है तथा तथ्यों से छेड़छाड़ कर सकता है। इस टिप्पणी के साथ ही उच्च न्यायालय ने याचिका खारिज कर दी।