आठ वर्ष पुराने एनआरआई नवनीत सिंह चड्ढा के अपहरण के मामले में छह आरोपियों को पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से बड़ी राहत दी गई है। हाईकोर्ट ने जिला अदालत के दोषियों के आजीवन कारावास की सजा के फैसले को दस वर्ष की कैद में तबदील कर दिया है।
जस्टिस जितेंद्र चौहान एवं जस्टिस अर्चना पुरी की खंडपीठ ने इन सभी छह दोषियों द्वारा जिला अदालत के फैसले के खिलाफ दायर अपील पर यह फैसला सुनाया। उन्होंने कहा कि मामले में प्रॉसिक्यूशन फिरौती के लिए अपहरण का मामला साबित करने में नाकाम रहा है। क्योंकि फोन कॉल के रिकॉर्ड से इसे साबित नहीं किया जा सका है।
लेकिन अपहरण जरूर किया गया था और इसके बारे में पीड़ित ने खुद बयान दिए हैं । उसके साथ लूटपाट हुई थी उसे मारे जाने की धमकियां भी दी गई थीं। लिहाजा सभी दोषी धारा-364 ए की बजाय धारा-364 के तहत दोषी करार दिए जा सकते हैं। इसी आधार पर हाईकोर्ट ने सभी छह दोषियों की आजीवन कारावास की सजा को घटा कर दस वर्ष की सजा में बदल दिया है।
जिला अदालत ने सुनाई थी आजीवन कारावास की सजा
चंडीगढ़ जिला अदालत ने सितंबर 2016 में मामले के सभी आरोपियों सोनीपत के अनिल कुमार, प्रदीप मलिक, हिसार के अजीत सिंह, कुरुक्षेत्र के संजीव कुमार, सुखदेव और झज्जर के नीतिन को फिरौती के लिए अपहरण, आपराधिक साजिश रचने, डकैती, कैद में रखने व रिकवरी की धाराओं के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
यह है मामला
एनआरआई नवनीत सिंह चड्ढा का दस अप्रैल 2012 उस समय अपहरण कर लिया गया था जब वह कनाडा से चंडीगढ़ लैंड डील के संबंध में आए थे। उनकी सेक्टर. 18 में कोठी थी। नवनीत के कनाडा में बैठे भाई गुरमीत सिंह को एक करोड़ रुपये की फिरौती की कॉल आई थी।
कुरुक्षेत्र के समीप गांव दुराला में यूटी पुलिस की क्राइम ब्रांच और कुरुक्षेत्र पुलिस की टीम ने सभी छह आरोपियों को आपरेशन के बाद दबोच लिया था। वहीं नवनीत को भी सकुशल बचा लिया गया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साढ़े बारह लाख रुपये और 300 कैनेडियन डॉलर भी बरामद किए थे। यह रकम लैंड डील के लिए नवनीत लेकर गए थे।
नवनीत की होंडा अकोर्ड गाड़ी व दो मोबाइल फोन भी पुलिस ने बरामद किए थे। थाना 19 पुलिस ने मामले में प्रदीप मलिक, नीतिन, संजीव कुमार उर्फ सोनी, सुखदेव, अनिल कुमार व अजीत सिंह के खिलाफ अपहरण, लूट, कैद में रखने, जालसाजी के साथ ही आर्म्स एक्ट की धाराओं में केस दर्ज किया था।