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आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए एक वर्षीय डिप्लोमा की अनुमति न देने को हाईकोर्ट में चुनौती

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चंडीगढ़। पूर्व प्राथमिक शिक्षक पद के लिए आवश्यक एक वर्षीय डिप्लोमा की शिक्षा स्वयं सेवकों को अनुमति देने तथा इससे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को वंचित रखने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर शिक्षा सचिव ने हाईकोर्ट को बताया कि याची की मांग पर विचार करने के लिए एक कमेटी गठित की गई है। इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने सुनवाई जनवरी के प्रथम सप्ताह तक स्थगित कर दी गई।
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याचिका दाखिल करते हुए सुखजीत कौर सहित सैकड़ों आंगन बाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि 2017 में पंजाब सरकार ने आंगनबाड़ी को प्राथमिक विद्यालय में लाया गया था। इस दौरान शिक्षा स्वयं सेवकों को शिक्षा का तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पोषण का कार्य सौंपा गया। याची ने बताया कि पंजाब सरकार ने शिक्षा स्वयं सेवकों को इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी से एक वर्षीय एनटीटी डिप्लोमा करने की अनुमति दे दी गई। याची ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को इससे वंचित रखना अनुचित है। याची ने कहा कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के अनुसार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, जो बारहवीं पास हैं वह भी शिक्षण केलिए योग्य हैं। पंजाब सरकार ने हाल ही में 8393 पूर्व प्राथमिक शिक्षकों के पद के लिए आवेदन मांगे हैं और इसके लिए आवश्यक योग्यता एक वर्ष का डिप्लोमा है। पंजाब सरकार के निर्णय के चलते हजारों आंगनबाड़ी कार्यकर्ता इस पद के लिए अयोग्य हो गए हैं। याची ने मांग की है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी डिप्लोमा की अनुमति दी जाए और जब तक वह डिप्लोमा नहीं कर लेते तब तक पूर्व प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती को रोके रखा जाए। याचिका पर पंजाब के शिक्षा सचिव ने बताया कि याचिकाकर्ताओं की मांग पर पंजाब सरकार ने एक कमेटी गठित की है। पंजाब सरकार की इस जवाब पर हाईकोर्ट ने सुनवाई जनवरी के प्रथम सप्ताह तक स्थगित कर दी है।
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