चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में लगातार बढ़ रहे विवाद को खत्म करने के लिए आखिरकार कांग्रेस हाईकमान को बीच बचाव के लिए आगे आना पड़ा है। हाईकमान ने पंजाब कांग्रेस के नाराज नेताओं से बातचीत के लिए एक कमेटी के गठन की तैयारी शुरू कर दी है।
पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल का कहना है कि पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है और यह संगठन का अंदरूनी मामला है, जिसे हल करने के लिए जल्द ही कदम उठाए जाएंगे। इधर, पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पूरा मामला हाईकमान के ध्यान में है। इसे सुलझाने के लिए हाईकमान के स्तर पर एक कमेटी के गठन की तैयारी चल रही है।
बेअदबी और कोटकपूरा पुलिस फायरिंग मामले समेत जनता से किए अन्य चुनावी वादों को लेकर पंजाब के कई मंत्री और विधायक इन दिनों मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चाबंदी किए हुए हैं। इसी दौरान पंजाब सरकार द्वारा विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के खिलाफ विजिलेंस जांच, कैबिनेट मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के विरुद्ध मी-टू मामले की जांच और विधायक परगट सिंह को मुख्यमंत्री के सलाहकार द्वारा फोन पर धमकियां दिए जाने के मामले ने आग में घी का काम कर दिया। मुख्यमंत्री की तरफ से जहां कुछ मंत्री पार्टी हाईकमान से असंतुष्टों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे, वहीं नाराज विधायकों ने भी पत्रों और फोन के जरिए अपनी शिकायतें हाईकमान तक पहुंचानी शुरू कर दी थीं।
वेणुगोपाल और हरीश रावत हो सकते हैं कमेटी में :
सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी के दखल के बाद कमेटी के गठन का फैसला किया गया है। इस कमेटी में सीनियर नेता वेणुगोपाल और पंजाब मामलों के प्रभारी हरीश रावत को भी शामिल किया जा सकता है। यह समिति सभी नाराज नेताओं से मुलाकात कर विवाद सुलझाने का प्रयास करेगी।
कैप्टन को भी नाराज नेताओं को मनाने को कहा :
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, हाईकमान ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपने स्तर पर भी नाराज नेताओं को मनाने की कोशिश करने को कहा है। मुख्यमंत्री अगले एक-दो दिन में नाराज नेताओं से मुलाकात कर सकते हैं। गौरतलब है कि कैप्टन ने हाल ही में एलान किया था कि नवजोत सिद्धू के लिए अब उनके दरवाजे बंद हो गए हैं। वहीं, कैबिनेट मंत्री चरणजीत चन्नी, सुखजिंदर रंधावा, सांसद प्रताप बाजवा और विधायक परगट सिंह ने भी एक बैठक करके कैप्टन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ ही जांच शुरू करने की भी कड़ी निंदा की थी। ये नेता इस पूरे विवाद का खुलासा प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए करने वाले थे, लेकिन हाईकमान के इशारे पर उन्होंने यह स्थगित कर दी थी। इससे यह साफ हो गया था कि नाराज नेता भी लगातार हाईकमान के संपर्क में हैं।
नेताओं से हरीश रावत की बैठक टली
पंजाब कांग्रेस के नाराज नेताओं से हरीश रावत की शनिवार को होने वाली मुलाकात फिलहाल स्थगित हो गई है। माना जा रहा है कि हरीश रावत को हाईकमान ने प्रस्तावित कमेटी को अंतिम रूप दिए जाने तक रुकने को कहा गया है। इससे पहले उन्होंने फोन पर बताया था कि वे जल्द ही चंडीगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री के अलावा नाराज नेताओं से मुलाकात करेंगे।