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हर्बल हुक्का युवाओं को बना रहा नशे का आदी

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पंचकूला। जिले में चोरी छिपे चलाए जा रहे हुक्का बार अब हर्बल हुक्के की आड़ में युवाओं को नशे का शिकार बना रहे हैं। जिले में करीब 43 हुक्का बार चोरी छिपे चलाए जा रहे हैं। यह हुक्का बार युवाओं को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए न सिर्फ अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर अपलोड करते हैं बल्कि हुक्के पर खास ऑफर भी देने लगे हैं।
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ज्यादातर युवा स्टाइल के साथ हुक्के का सेवन करते हैं, धुएं के छल्ले निकालते हैं और वहीं से शुरूआत हो जाती है इसके नियमित सेवन की। अब तो कई युवाओं को हुक्के की ऐसी लत लगी है कि वह अपनी कारों में ही हुक्का, हर्बल तंबाकू और मैजिक कोल रखते हैं। अगर हुक्का बार नहीं मिलता तो लती युवा सुनसान में या होटल का रूम लेकर ग्रुप में हुक्का पीते हैं।
पंचकूला में कई दुकानें ऐसी हैं जिनमें हुक्का आसानी से मिल जाता है। इनकी कीमत एक हजार रुपये से लेकर दस हजार रुपये तक है। इसके साथ ही हुक्के के लिए तथाकथित फ्लेवर भी यहां आसानी से उपलब्ध हैं। एक पनवाड़ी ने बताया कि हुक्का तो सामान्य आता है, उसमें तंबाकू अपनी पसंद की कोई भी डाल सकता है। कई युवा तो उसकी तंबाकू लेते हैं तो कई दूसरी तंबाकू। हुक्के में लगने वाली तंबाकू की कीमत छह सौ रुपये से शुरू होकर दो हजार रुपये तक है। वहीं, मैजिक कोल के पैकेट की कीमत भी डेढ़ सौ रुपये तक होती है। मैजिक कोल में जरा सी चिंगारी लगते ही यह जलने लगता है।
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युवाओं को बरगलाते हैं हुक्का बार संचालक
हुक्का बार चलाने वाले लोग अपने यहां आने वाले युवाओं को यह कहकर बरगलाते हैं कि हुक्के में भरा पानी धुएं को फिल्टर कर देता है। इससे वह नुकसान नहीं करता है, लेकिन डाक्टरों के अनुसार यह एकदम गलत है। हुक्के के बेस में डाला गया पानी धुएं को ठंडा कर देता है, लेकिन यह बहुत ज्यादा नुकसानदायक होता है।
माहौल बनाता है नशे का आदी
हुक्काबारों में आप जाएंगे तो वहां देखेंगे कि डार्क रूम होता है। चार दोस्त हुक्का पीते हैं और एक नहीं पीता है, फिर धीरे से कोई न पीने वाले से कहता है कि इसमें तो नशा नहीं है पी लो, एक दो बार के दबाव के बाद पांचवां भी पीने लगता है। इसी दबाव की वजह से इसकी लत शुरू हो जाती है। यही नहीं, जो माहौल है उसमें युवा खुद को ज्यादा स्टाइलिश दिखाने के लिए यह सेवन करते हैं। इसमें कई फैक्टर भी काम करते है, मसलन, फिल्में, आसपास का माहौल और स्मार्ट फैक्टर। एक बात और हुक्के में फ्लेवर से ज्यादा नुकसान दायक होता है धुआं। जो कि कैंसर को जन्म देता है। डॉ. एमपी शर्मा, हेड आफ डिपार्टमेंट, साइकेट्री विभाग, जनरल अस्पताल सेक्टर-6
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हुक्के से जुड़े कुछ तथ्य
1-हुक्के का चस्का एक बार लगने के बाद बार-बार सेवन की लत पड़ जाती है।
2-हुक्के के धुएं में जो निकोटिन होता है वह तंबाकू से ज्यादा नशीला होता है।
3-पानी कि मौजूदगी नुकसानदेह पदार्थ के छन जाने की कोई गारंटी नहीं होती।
4-हुक्के में इस फ्लेवर्ड तंबाकू का सेवन और स्मोकिंग काफी ज्यादा घातक है।
5-धुआं चाहे ठंडा हो या गर्म, उससे नुकसान एकसमान रूप से ही होता है।
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