माई सिटी रिपोर्टर
पंचकूला। सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में भले ही इलाज की बेहतरीन सुविधाएं देने के दावे किए जा रहे हों, लेकिन मरीजों की संख्या बढ़ने से हेपेटाइटिस बी और सी की टेस्ट रिपोर्ट छह घंटे की बजाय 48 घंटे में मिल रही है। इसके अलावा मरीजों और तीमारदारों को ज्यादातर दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। मरीजों की संख्या बढ़ने की वजह से वार्डों में भर्ती मरीजों का इंप्रूवमेंट टेस्ट नहीं हो पा रहा है। यह हालात गायनी वार्ड, एमडी मेडिसिन वार्ड और पीडियाट्रिक वार्ड में बनी हुई है। अस्पताल में लोगों को इसके लिए धक्के खाने पड़ रहे हैं। जो मरीज भर्ती नहीं होते हैं, उन्हें अर्जेंट रिपोर्ट के लिए छह सौ से एक हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
गर्मी बढ़ने के बाद शहर के सेक्टर-6 सिविल अस्पताल में रोजाना की ओपीडी में बढ़ोतरी हो गई है। एक हफ्ते पहले जहां साढ़े तीन हजार मरीज आ रहे थे, अब यह संख्या बढ़कर चार हजार पहुंच गई है। लगातार मरीजों की संख्या बढ़ने से टीएफटी, एलएफटी टेस्ट के साथ इस समय हेपेटाइटिस बी और सी के सैंपल अधिक लिए जा रहे हैं। रोजाना 200 सैंपल जांच के लिए जा रहे हैं। एक सप्ताह पहले यह सैंपल 70 के आसपास लिए जा रहे थे। क्षमता से अधिक सैंपल आने के कारण रिपोर्ट दो दिन बाद दी जा रही है। इस कारण लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं बाहर से टेस्ट कराने के लिए लोगों को आठ सौ रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। इसके अलावा मरीजों को दवाइयां भी बाहर से लानी पड़ रही है।
पांच दिन से भर्ती बच्चा, दोबारा टेस्ट नहीं हुआ
चार साल बच्चे की तबीयत खराब हुई थी। पांच दिन पहले लेकर आए थे। हैपेटाइटिस सहित सभी टेस्ट बाहर से करवाए थे। डॉक्टरों ने देखने के बाद दोबारा यह टेस्ट करवाने को कहा है। अभी तक यह टेस्ट नहीं हो पाया है। - विक्रम निवासी बरवाला,मरीज के पिता
पत्नी का टेस्ट नहीं हुआ
पत्नी को पेट सहित शरीर में दर्द होने के कारण तीन दिन पहले भर्ती कराया था। सैंपल लिए जाने के बाद रिपोर्ट नहीं मिली है। रिपोर्ट नहीं आने के कारण बाहर से टेस्ट करवाना पड़ा है। इस कारण 800 रुपये खर्च करना पड़ा है। - लव कुमार निवासी सेक्टर-12, पंचकूला
बेटी की सभी दवाइयां बाहर से लानी पड़ी
बेटी को तीन दिन पहले इलाज के लिए लाए थे। इसमें सभी दवाएं बाहर से लानी पड़ी हैं। ओआरएस भी अस्पताल में खत्म हो गया था। टेस्ट की रिपोर्ट दो दिन बाद मिली है। इस कारण परेशानी हुई है। - जगजीत सिंह निवासी रायपुररानी
बच्चे के दोबारा टेस्ट नहीं किए
मेरा बेटा अनव दो दिन से भर्ती है। एक बार टेस्ट हुआ है। इसके बाद डॉक्टर की ओर से विटामिन डी, एलएफटी , टीएफटी के टेस्ट दोबारा करने को कहा गया है। पीडियाट्रिक वार्ड में भर्ती होने के सैंपल दोबारा नहीं लिए गए। इस कारण परेशानी हुई है। - रेयांश निवासी सेक्टर-12
मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण हेपेटाइटिस बी और सी की रिपोर्ट देरी से आ रही है। वार्ड में अगर दोबारा डॉक्टरों के कहने के बाद सैंपल नहीं लिए जा रहे हैं तो इसकी चेकिंग कर जल्द इसे दुरुस्त करेंगे। डॉ. उमेश मोदी, पीएमओ, सिविल अस्पताल सेक्टर-6