फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आरोपी के निवेदन पर सुनवाई टाली, जज उदासीन रवैए पर स्पष्टीकरण दें: हाईकोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। दुष्कर्म के मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अमृतसर की ट्रायल कोर्ट के जज के रवैए पर सवाल उठाते हुए स्पष्टीकरण मांग लिया है। हाईकोर्ट ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार विजिलेंस को इस संबंध में रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया है। जमानत याचिका पर सुनवाई शुरू हुई तो हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले का एक परेशान करने वाले पहलू हमारे सामने आया है। दुष्कर्म के मामले में पीड़िता और उसकी मां की गवाही 29 जुलाई, 2024 को हुई थी, लेकिन आरोपी ने कहा कि उसके पास वकील नहीं है और नया वकील करना चाहता है। जज ने निवेदन को स्वीकार करते हुए जिरह 6 सितंबर, 2024 को तय कर दी जो 5 सप्ताह बाद की तारीख थी।
विज्ञापन

विनोद कुमार बनाम पंजाब सरकार मामले में सर्वोच्च न्यायालय यह स्पष्ट कर चुका है कि ट्रायल न्यायाधीश के लिए यह बिल्कुल उचित होता कि वे उसी दिन जिरह पूरी कर लेते जिस दिन उक्त गवाह की जिरह की गई थी। ऐसा प्रतीत होता है कि ट्रायल जज उदासीन और लापरवाह तरीके से ट्रायल कार्यवाही कर रहे हैं। कोई निष्कर्ष निकालने से पहले न्यायालय ने संबंधित ट्रायल जज से स्पष्टीकरण मांगना उचित समझा। इसके परिणामस्वरूप हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले संबंधित ट्रायल जज से स्पष्टीकरण मांगा। रजिस्ट्रार (सतर्कता) को अभियोजन पक्ष के गवाहों की जिरह स्थगित करने के मुद्दे के संबंध में ट्रायल कोर्ट को इस न्यायालय द्वारा जारी किए गए निर्देशों के बारे में अवगत करवाने का निर्देश भी दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें