संवाद न्यूज एजेंसी
हलवारा। जिला अदालत में पिछले दो दिनों में तीसरी तारीख मिलने के बावजूद विजिलेंस विभाग ने रिकॉर्ड पेश नहीं किया और अब वीरवार सुनवाई निर्धारित की गई है। इसके चलते एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली को बुधवार को भी जिला अदालत से कोई राहत नहीं मिली।
एडिशनल सेशन जज अमरिंदर सिंह की अदालत में 1 जुलाई को सरकारी वकील सविंदर सैनी और एसडीएम कोहली के वकील पवन घई पेश हुए थे जिसके बाद एडिशनल सेशन जज अमरिंदर सिंह शेरगिल ने विजिलेंस विभाग को लेटेस्ट स्टेटस रिपोर्ट समेत मुकदमे का पूरा रिकॉर्ड लेकर आने और जांच अधिकारी डीएसपी शिव चंद को पेश होने का आदेश दिया था। इस मामले में सबसे हैरानीजनक तथ्य यह भी हैं कि एसडीएम कोहली की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 6 से अधिक तारीख पड़ चुकी हैं, लेकिन विजिलेंस विभाग द्वारा रिकॉर्ड और स्टेटस रिपोर्ट पेश नहीं की जा रही। इसके चलते कई तरह की शंका पैदा होने लगी है। प्रख्यात चिंतक डॉ. प्यारे लाल गर्ग ने कहा कि इतने गंभीर रिश्वतकांड में सरकार की तरफ से 21 दिन बाद भी कोई ब्यान नहीं आया है। विजिलेंस विभाग द्वारा अदालत में स्टेटस रिपोर्ट और मुकदमे का रिकॉर्ड पेश करने में की जा रही देरी एसडीएम कोहली उनके स्टेनो जतिंदर सिंह नीटा और यूथ अकाली दल के सीनियर उपाध्यक्ष सुखजीत सिंह बग्गी को राहत मिल सकती है। हालांकि नीटा और बग्गी को विजिलेंस गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है और एसडीएम कोहली अग्रिम जमानत पर फैसला आने का इंतजार कर रहे हैं।
गौरतलब है कि विजिलेंस टीम ने 12 जून को एसडीएम गुरबीर सिंह कोहली के स्टेनो जतिंदर सिंह नीटा को 24 लाख 6 हजार रुपये रिश्वत समेत गिरफ्तार किया था। एसडीएम कोहली विजिलेंस टीम के पहुंचने से पहले सरकारी जीप में ड्राइवर के साथ फरार हो गए थे।