जनवरी 2027 तक सभी पीएचसी-सीएचसी पर होगी एंबुलेंस सुविधा, एचआरआईडीसी ने दिए तीन लिफ्ट
कालका, रायपुररानी और सेक्टर-26 में टीबी जांच के लिए तीन ट्रूनेट मशीनें लगाईं
संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। जिले के सरकारी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सीएसआर (काॅरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत बड़ा कदम उठाया है। सरकारी अस्पतालों को नौ नई एंबुलेंस मिलेंगी और जनवरी 2027 तक जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध होगी। वहीं, हरियाणा रेल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचआरआईडीसी) की ओर से तीन लिफ्ट भी दी गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के काॅरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) मामलों के अधिकारी एवं कम्युनिटी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि अस्पतालों को अगले कुछ दिनों में नौ नई एंबुलेंस मिलने जा रही हैं। विभाग को शुक्रवार को दो नई एंबुलेंस मिल रही हैं। एक अक्तूबर को तीन और एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग के बेड़े में शामिल हो जाएंगी। इसके बाद सांसद निधि से एक और सीएसआर कार्यक्रम के तहत भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की ओर से पांच एंबुलेंस दी जाएंगी।
पिछले महीने मिली दो एंबुलेंस में से एक कालका सीएचसी को दी जा चुकी है, जबकि दूसरी अगले सप्ताह रायपुररानी को दी जाएगी। डॉ. विकास गुप्ता ने बताया कि जनवरी 2027 तक जिले के सभी पीएचसी और सीएचसी के पास अपनी एंबुलेंस होगी। इनकी प्रोग्रामिंग इस तरह की जाएगी कि दिन-रात आने वाले मरीजों को इंतजार न करना पड़े।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ाया एम्बुलेंस का कोटा
नानकपुर, मोरनी और कोट जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस की उपलब्धता बढ़ाने के लिए कोटा बढ़ाया गया है। अगले सप्ताह तक मोरनी में तीन एंबुलेंस हो जाएंगी। इनमें एक स्टैंडबाय रहेगी, जबकि एक को आपात स्थिति में मरीजों को लाने-ले जाने के लिए तैनात किया जाएगा।
उपकरणों से भी बढ़ी चिकित्सा सुविधाएं
कालका एसडीसीएच में पहले से मौजूद एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन के साथ 60 लाख रुपये की लागत से एक नया केंद्र जोड़ा गया है। इससे स्त्री रोग और सामान्य सर्जरी के मरीजों का दबाव कम होगा। मदर एंड चाइल्ड अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में 20 लाख रुपये की पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध कराई गई है। इससे बेडसाइड जांच संभव होगी। इसी परिसर के शल्य कक्षों में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से तीन नए एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन स्थापित किए गए हैं। टीबी की शीघ्र जांच के लिए रायपुररानी सीएचसी, कालका एसडीसीएच और सेक्टर-26 पॉलीक्लिनिक में 15 लाख रुपये की लागत से तीन माइक्रो पीसीआर ट्रूनेट मशीनें लगाई गई हैं।
विशेषज्ञ डॉक्टर और स्टाफ भी तैनात
विभाग ने अस्पतालों में स्टाफ की तैनाती भी सुनिश्चित की है। प्रत्येक अस्पताल में दो एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, दो स्त्री रोग विशेषज्ञ और अतिरिक्त सहायक स्टाफ तैनात किया गया है। रायपुररानी और सेक्टर-26 पॉलीक्लिनिक को विशेष अनुमति के तहत स्टाफ उपलब्ध कराया गया है।
अस्पतालों को मिलीं ये सुविधाएं
कालका एसडीसीएच में 60 लाख रुपये का नया एनेस्थीसिया केंद्र, मदर एंड चाइल्ड अस्पताल में 20 लाख रुपये की पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और 1.80 करोड़ रुपये के तीन एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन, तीन अस्पतालों में 15 लाख रुपये की ट्रूनेट मशीनें और एचआरआईडीसी की ओर से तीन लिफ्ट दी गई हैं।
कोट
काॅरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व कार्यक्रम के तहत सिविल अस्पताल सहित जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों की सुविधा के लिए चिकित्सा एम्बुलेंस सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। समय-समय पर मिलने वाले सहयोग से मरीजों के इलाज में तेजी आई है।
-डॉ. आरएस चौहान, पीएमओ