संवाद न्यूज एजेंसी
पंचकूला। स्वास्थ्य बीमा करवाने के बाद भी महिला को इलाज करवाने के लिए अस्पताल को रुपये देने पड़े। महिला ने अपोलो म्यूनिख हेल्थकेयर कंपनी के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में केस दायर किया था। आयोग ने कंपनी को ग्राहक के 22,210 रुपये नौ प्रतिशत ब्याज सहित लौटाने का आदेश दिया है। ग्राहक को हुई मानसिक परेशानी के लिए पांच हजार रुपये हर्जाना भी लगाया है। वहीं, पांच हजार रुपये अदालती खर्च अदा करने का आदेश दिया है।
कालका हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी की रहने वाली पूजा चंडोक ने उपभोक्ता आयोग में दायर की शिकायत में बताया था कि उसने अपोलो म्यूनिख हेल्थ केयर कंपनी से स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी खरीदी थी। 30 मई 2019 को वह अपने पति के साथ एक्टिवा पर जा रही थी। इस दौरान उसके घुटने में इंजरी आ गई। इलाज के लिए वह सेक्टर-14 के अस्पताल गई। वहां उसने अपने दाहिने पैर में हुए फ्रैक्चर का इलाज करवाया। अगले ही दिन उसे अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया। इलाज के दौरान उसने अस्पताल में बीमा कंपनी द्वारा दिया गया यूएचआईडी नंबर दर्ज करवाया था।
इलाज करवाने पर उसका 22,210 रुपये खर्चा आया। स्वास्थ्य बीमा कंपनी द्वारा उसके दावे को खारिज कर दिया। इलाज के दौरान आया खर्चा उसे ही अदा करना पड़ा। उपभोक्ता ने आर्थिक और मानसिक नुकसान की भरपाई के लिए अपोलो म्यूनिख हेल्थकेयर कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में केस फाइल किया था। आयोग ने कंपनी को 45 दिनों के अंदर आदेशों की पालना करने के आदेश दिए हैं।