पंचकूला। सेक्टर-19 में डायरिया के 76 मामले आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग की टीम शहर के सभी हाईरिस्क जोन का सर्वे शुरू कर दिया है। लगातार मौसम के बदलाव के बाद संक्रामक बीमारियों के खतरे से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यह पहल की है। इसके लिए विभाग की ओर से सर्वे टीमें लगाई गईं हैं। पंचकूला स्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर के लोगों को डेंगू, मलेरिया, फाइलेरिया और डायरिया से बचाने के लिए अब 30 सदस्यीय टीम डोर टू डोर सर्वे कर रही हैं। अब इसमें लोगों के घरों के पानी की टंकी से पानी के सैंपल लिए जाएंगे और उन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। यह जांच हाईरिस्क जोन एरिया पंचकूला, खड़क मंगोली, पुराना पंचकूला, अभयपुर सेक्टर-12, कालका, पिंजौर में अधिक की जाएगी। इसके साथ ही अगर लोगों के यहां पर लारवा मिलेगा तो उन्हें नोटिस दिया जाएगा। इसके लिए एक्शन प्लान टीम तैयार कर रही है। अब डायरिया से बचाने के लिए लोगों को पंपलेट भी बांटा जाएगा। यह पंपलेट सभी हाईरिस्क जोन में बांटने के साथ लोगों को नाटक के माध्यम ये जागरूक किया जाएगा।
20 सैंपल की अभी तक रिपोर्ट नहीं आई
सेक्टर-19 में डायरिया फैलने के बाद टीम ने पानी के स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 20 सैंपल लिए थे। चार दिन बाद अभी रिपोर्ट नहीं आई है। पानी के सभी तत्वों को जांचने के बाद रिपोर्ट दी जाएगी। अगर लोगों के घरों के पानी के सैंपल फेल होंगे तो पूरी टंकी के पानी को स्वास्थ्य विभाग की टीम बदलेगी।
स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से सर्वे अब हाईरिस्क जोन में किया जाएगा। इसमें डायरिया की जांच के लिए पानी के सैंपल लिए जाएंगे और लोगों को इसके बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। - डॉ. सुरेश भोसले, जिला मलेरिया अधिकारी, पंचकूला स्वास्थ्य विभाग