श्मशानघाट की दीवार पर मंडराया खतरा, खटीक मोहल्ला में मिट्टी खिसकने से हुआ नुकसान
तेज बहाव से श्मशानघाट की दीवार पर मंडराया खतरा, खटीक मोहल्ला में मकान के कमरे में आई दरारें
हिमाचल और कालका में हुई तेज बारिश के बाद सुखना चो उफान पर, प्रशासन से सुरक्षा और राहत कार्य की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
कालका। हिमाचल और कालका क्षेत्र में शनिवार को हुई तेज बारिश के बाद सुखना चो उफान पर आ गई। नदी के तेज बहाव से श्मशानघाट की दीवार के साथ लगा करीब 15 फुट लंबा डंगा बह गया, जिससे दीवार की सुरक्षा पर भी खतरा मंडराने लगा है। वहीं, खटीक मोहल्ला में नदी किनारे स्थित एक मकान के पास मिट्टी खिसकने से बाथरूम और शौचालय धंस गए तथा कमरे में दरारें आ गईं। गनीमत रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
रामबाग कमेटी के प्रधान डीएन शर्मा, अरुण दीक्षित, पंडित अजय पांडेय और जितेंद्र कुमार ने बताया कि लगातार बारिश के बाद सुखना चो का जलस्तर बढ़ गया और तेज बहाव में श्मशानघाट की दीवार के साथ बना डंगा बह गया। उन्होंने आशंका जताई कि यदि जल्द मरम्मत नहीं करवाई गई तो आगे बने डंगे को भी नुकसान पहुंच सकता है। इससे श्मशानघाट की दीवार को भी खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने प्रशासन से नदी के बहाव का रुख बदलने और क्षतिग्रस्त डंगे की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की।
उधर, खटीक मोहल्ला निवासी जमनादास ने बताया कि बबलू के मकान के पास नदी का बहाव तेज होने से जमीन खिसक गई। इसके चलते मकान का बाथरूम और शौचालय धंस गए, जबकि एक कमरे में दरारें आ गईं। घर में रखी वॉशिंग मशीन सहित अन्य सामान को भी नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा और राहत उपलब्ध कराने की मांग की है।