उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि प्रदेश का अन्नदाता किसान मेहनती है। हरियाणा में किसी को भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। यह सरकार व किसान दोनों की प्रतिबद्धता है। लॉकडाउन अवधि के बावजूद सरसों व गेहूं की खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से चलाई जा रही है। जिस भी खरीद केंद्र में किसान अपनी उपज की बिक्री करना चाहेगा, आढ़ती को उसी खरीद केंद्र में खरीद करनी होगी। एक आढ़ती तीन-चार खरीद केंद्रों में फसल खरीद सकता है, बशर्ते किसान उस केंद्र में अपनी उपज बेचने के लिए तैयार हो।
उन्होंने कहा कि 3 मई तक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन अवधि को धीरे-धीरे व चरणबद्ध तरीके से खोलना होगा। वर्तमान समय में कोई भी राज्य पूर्ण लॉकडाउन खोलने के पक्ष में नहीं है। जहां तक शराब की दुकानें खोलने की बात है तो 3 मई तक यह पूर्णतया बंद रहेंगी। संकट की इस घड़ी को देखते हुए सरकारों को केवल राजस्व के बारे में नहीं सोचना चाहिए। कोरोना महामारी से निपटने के लिए हरियाणा ने अन्य राज्यों की तुलना में बेहतर प्रबंध किए हैं। इसके चलते राज्य में कोरोना वायरस से ठीक होने वाले मरीजों की दर राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि हर चीज को हर जगह एक साथ नहीं किया जा सकता है। इसलिए स्थिति के अनुसार धीरे-धीरे चीजों को खोलना होगा। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था को होने वाले नुकसान से रोकने के लिए रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की बिक्री व उत्पादन को पहले खोलने का निर्णय लिया गया है। लॉकडाउन के दौरान जरूरतमंद परिवारों को ‘डिस्ट्रेस राशन टोकन’भी जारी किए गए हैं। इस टोकन से जरूरतमंद परिवार दुकानों से नि:शुल्क राशन ले सकेंगे।